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    • गावठी बाम्ब व पाईप में घुसने से जखमी थी बाघिन 
    • 3 दिन पहले गोरेवाडा में किया था रेफर 

    चंद्रपुर. जिले के पोंभुर्णा तहसील में आतंक मचानेवाली बाघिन को गुरूवार की रात पाईप में फंसी बाघिन को वनविभाग ने रेस्क्यु आपरेशन चलाकर पिंजरे में कैद कर लिया. परंतु इस दौरान उसकी मुंह को मार लगने से वह जखमी हो गयी थी.

    जिसके बार गुरूवार की रात चंद्रपुर में रामबाग लाया गया था. शुक्रवार की सुबह इलाज हेतु नागपुर के गोरेवाडा उपचार केंद्र रेफर किया गया. उपचार के दौरान शरिर में पानी का प्रमाण कम होने से तथा सास लेने में दिक्कत जाने से रविवार की शाम 7 से 8 बजे के दौरान नागपुर के गोरेवाडा में बाघिन की मृत्यु हो गयी. 

    मध्य चांदा वनविभाग के पोंभुर्णा रेंज में बाघिन के दहशत फैलायी थी. 24 नवम्बर को पोंभूर्णा वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले कसरगट्टा बीट के कविटबोली में खेत में कपास चुन रही महिला बेबी हनुमान धोडरे पर हमला किया था. जिसमें बेबाबाई की मृत्यु हो गई. 

    तत्पश्चात परिसर के चिंतामणी महाविद्यालय के पास गैंस दुरूस्ती का कार्य करनेवाले राहुल चव्हाण पर हमला कर दिया. जिसमें वह जखमी हो गया. बाघ के हमले में परिसर के 2 व्यक्तिओं की मृत्यु हो गयी. तो अबतक 12 व्यक्तिओं को जखमी कर दिया. चेक आष्टा में 2 बकरीयों का शिकार करने के बाद परिसर के किसान व नागरिक बौखला गए थे. 23 दिसम्बर को परिसर के एक खेत में बाघ के दर्शन होने पर संतप्त नागरिक व किसानों ने शोर मचाकर बाघ को वहां से खदेडना शुरू किया.

    इधर बाघ के दिखाई देने की जानकारी गांव में मिलने पर गांव के नागरिकों ने हाथ में लाठीयां लेकर घटनास्थल पहुचे. गांववालों ने शोर मचाया. जिसमे घबराई बाघिन भय के मारे भाग रही थी. इसकी जानकारी वनविभाग को मिलने पर वनविभाग अधिकारी व पुलिस घटनास्थल पहुचे. भीड पर नियंत्रण पाने के दौरान पुलिस व नागरिकों में बाचाबाची हुई थी.

    दौरान सडक के निचे बिछाए गए पाईप में बाघिन फस गयी. पाईप से बाहर नही निकल पा रही थी. इसी बीच गांववासीयों ने परिसर में गावठी बम्ब फोडे. जिसमें बाघिन जखमी हो गई. बाघिन को पकडने के लिए पाईप के पास पिंजरा लगया गया. गुरूवार 23 दिसम्बर की रात तक बाघिन का रेक्स्यु चला. बाघिन को पिंजरे में कैद करने के बाद रात को चंद्रपुर के रामबाग नर्सरी में लाया गया. उसके बाद शुक्रवार की सुबह जखमी बाघिन को चंद्रपुर से नागपुर के गोरेवाडा में रेफर किया गया. 

    बाघिण का जबडा हुआ था फैक्चर

    बाघिन को नागपुर के गोरेवाडा रेस्क्यु सेंटर के प्राणि उपचार केंद्र में भर्ती करने के पश्चात उपचार शुरू किए गए. बाघि के जबडे को काफी चोट आने से वह फैक्चर हुआ था. उसका स्वास्थ गंभीर था. बाघिण के शरीर में पाणी का प्रमाण कम हो गया. बाघिन का जबडा पुरी तरह से तुट जाने से उसे शिकार खाना असंभव था. जिससे उसे कच्चे व उबले हुवे अंडे दिए जा रहे थे. परंतु वह खाने के लिए प्रतिसाद नही दे रही थी. इस दौरान रविवार की शाम बाघिन को सांस लेने दिक्कत हो रही थी. इसी बीच रविवार की शाम बाघिन की मृत्यु हो गयी यह जानकारी गोरेवाडा प्रकल्प के विभागीय प्रबंधक प्रमोद पंचभाई ने दी. 

    जिले में 15 बाघों की मृत्यु 

    संपूर्ण चंद्रपुर जिले में अबतक 15 बाघ_बाघिन की मृत्यु हो गयी है. वर्तमान में जंगल से सटे गांव के नागरिकों को जंगल में अतिक्रमण करने से मानव व वन्यजीव संघर्ष चरम पर पहुच रहा है. कई लोग बाघ के अवयवों के चलते अधिक पैसे मिलने के लालच में तथा तो कभी सुरक्षा के चलते बाघ_बाघिन का बिजली करंट के तार लगाकर बाघों की हत्या की जा रही है. कई मामलो में अंधश्रध्दा व आपसी भिडंत भी बाघों की मौत की वजह बन रही है.