अतिक्रमण नियमानुकूल कर भूमि का मापन नि:शुल्क होगा, सांसद, विधायक की राजस्वमंत्री से भेट

    • राजस्वमंत्री के नागपुर पैटर्न अपनाने के निर्देश

    चंद्रपुर. जो लोग अतिक्रमण कर रह रहे है अब उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलेगा. उनके अतिक्रमण को नियमानुकूल कर उनके भूमि का मापन निशुल्क किया जाएगा. ऐसा आश्वासन राज्य के राजस्वमंत्री बालासाहब थोरात ने सांसद बालू धानोरकर, विधायक प्रतिभा धानोरकर और राजुरा के विधायक को दिया है. सांसद और विधायकों ने हाल ही में राजस्वमंत्री से मिलकर जो लोग अतिक्रमण कर रह रहे है उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की.

    इन जनप्रतिनिधियों ने राजस्वमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि नियमों और शर्तों की जटिलता की वजह से उन्हें उनका खुद का मकान नसीब नहीं हो पा रहा है. इसलिए ऐसे कई वर्षों से रह रहे अतिक्रमणकर्ताओं की भूमि को नियमानुकूल कर साथ ही उनकी भूमि का मोजमापन निशुल्क किया जाए. थोरात ने इस मामले को गंभीरता से लिया और नागपुर की विभागीय आयुक्त प्राजक्ता वर्मा को अमरावती की तरह ही नागपुर विभाग में आदेश लागू करने के निर्देश दिए.

    2011 के पूर्व के अतिक्रमण को 1500 स्केअर फूट तक की जगह का पट्टा देने का शासन निर्णय हुआ था. इसके अनुसार अमरावती विभागीय आयुक्त की ओर से उपसंचालक भूमि अभिलेष अमरावती को आदेश जारी कर मनपा, नगर परिषद, नगर पंचायतों को दिया जानेवाला मोज मापन शुल्क माफ किया. इस पध्दति से नागपुर विभाग के 2011 के पूर्व अतिक्रमण का निशुल्क मापन कर 1500  फुट का टैक्स रसीद एवं इलेक्ट्रिक बिल है ऐसे अतिक्रमणकर्ताओं के नाम जगह करने की मांग थी. इसकी तत्काल दखल राजस्व मंत्री ने ली.

    सभी के लिए घर इस संकल्पना पर आधारित प्रधानमंत्री आवास योजना राज्य में प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है. नागपुर विभाग के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के आवास योजना जगह की बाधा के कारण बड़े पैमाने पर अटकी हुई है. इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत अतिक्रमितों को नियमानुकूल करने एवं इसके लिए अतिक्रमित भूमि का मापन नि:शुल्क करने की आवश्यकता है.

    महाराष्ट्र राज्य में अमरावती विभाग में इस प्रकार का क्रियान्वयन हआ है. इस तर्ज पर नागपुर विभाग में अतिक्रमण धारकों की सूची, नजूल मापन शीट की तरह जांच सूची मंगाकर आवास योजना को गति दी जाए ऐसी जनहितकारी मांग की गई है. यह मांग पूरी होने से क्षेत्र के लाखों लोगों का खुद के घर का सपना साकार होगा.