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    • पूरक नल जलापूर्ति योजना व योजना के दस्तावेजों की जांच कर जलापूर्ति शुरू करे 
    • अन्यथा ग्रामिणों का भूख हडताल का इशारा 

    चंद्रपुर. मौजा बेंबाल तहसील मूल में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत 2013 में पूरक नल जल आपूर्ति योजना स्वीकृत की गई थी.  हालांकि इस पानी की टंकी का निर्माण चार साल पुराना है, लेकिन अभी भी बेंबाल गांव में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. वर्तमान में क्षेत्रीय नल जलापूर्ति योजना के तहत गडिसुरला को पानी की आपूर्ति की जा रही है परंतु राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना की जलापूर्ति कब होगी यह सवाल नागरिकों में है.

    इस योजना के छह-सात साल बाद भी पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है.  इसलिए गांव के लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. इस संबंध में ग्रामीणों ने बार-बार शिकायत व बयान दर्ज कराया था.  हालांकि ठेकेदार, संबंधित समिति और अधिकारियों ने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए अथक प्रयास किया है. 

    राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत पूरक नल जल आपूर्ति ग्राम पंचायत बेंबाल की एक उप-समिति है और इसका गठन मुंबई ग्राम पंचायत अधिनियम, 1958 की धारा 49 के तहत किया गया था. 26 जनवरी 2013 को ग्राम सभा से एक कमेटी बनाई गई है और दो सचिव बनाए गए हैं.  साथ ही कमेटी को गलत बनायी है.  इस समिति के अध्यक्ष चंदू  मारगोंवार, ठेकेदार दीपक गोनेवार, गोर्लावार है. भ्रष्टाचार के चलते अबतक योजना का कार्य प्रलम्बित है. इस संदर्भ में जिला परिषद व पंचायत समिति के पीठासीन अधिकारी नियम 1995 अनुसार जिला परिषद व पंचायत समिति के पदाधिकारीयों पर संबंधित अधिकारीयों पर कार्रवाई कर जलापूर्ति योजना तत्काल शुरू करने की मांग गांववासियों ने पालकमंत्री, जिलाधिश, जिप अध्यक्ष, जीप सीईओं, जलापूर्ति मुख्य अभीयंता को सौपे ज्ञापन में की है. 

    तीन दिन के भीतर जलापूर्ति योजना की गहन जांच नहीं कीए जाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करने पर पंचायत समिति कार्यालय के सामने भूख हड़ताल करने का इशारा ज्ञापन में दीपक वाढई, पवन नीलमवार, दिवाकर कडस्कर, मधुकर उराडे, विजय बोम्मावर, विकास वालके, चांगदेव केमेकर, पराग वाढई,  सुहास वधाई,  नवनाथ मडावी, वासुदेव तिमाडे, लवसन वाढई, सुरेश झाडे समेत अन्य ग्रामिणों ने दिया है.