जिलाधीश कार्यालय समक्ष आदिवासी बांधवों का भजन करो आंदोलन व जाहीर निषेध सभा

    • आंदोलन में जननायक बिरसा के स्मारक की मांग 

    चंद्रपुर. जननायक बिरसा मुंडा के स्मारक का निर्माण जल्द से जल्द करने की मांग को लेकर आदिवासी बांधवों ने जिलाधिश कार्यालय समक्ष भजन करो आंदोलन व जाहीर निषेध सभा का आयोजन किया. अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य में यह भजन करों आंदोलन किया गया. जिससे जाते-जाते बाप्पा प्रशासन को सद्बुध्दी दे व प्रलम्बित बिरसा मुंडा स्मारक का प्रश्न जल्द से जल्द हो सके इसी उद्देश को लेकर यह आंदोलन किया गया.

    इस समय ऑल इंडीया दलीत पैंथर सेना, चंद्रपुर ने आदिवासीयों के बैठे  सत्याग्रह का समर्थन दिया व जाहीर निषेध सभा ली गई. निषेध सभा में अनिल डांगे ने विचार व्यक्त किए. उन्होने बताया कि, स्वाधिनता संग्राम में सहभाग नही होने के बावजूद शहर में कई पुतलों का निर्माण किया जाता है. परंतु जिन्होने सही में सहभागी होकर स्वयं की जान दी उनके पुतलों को निर्माण करने में प्रशासन को दिक्कत जा रही है.

    बहुजन के स्मारक अथवा पुतले निर्माण नही करना है क्या ऐसा सवाल इस समय प्रशासन से किया गया. जिलाध्यक्ष रूपेश निमसरकार ने बिरसा मुंडा के पूतले का निर्माण चंद्रपुर शहर में होना ही चाहिए ऐसी मांग की. आनेवाले 6 महिने में पुतले की स्थापना नही होने पर पैंथरी ताकद प्रशासन को दिखाने का इशारा दिया. किशोर पोतनवार ने विचार व्यक्त किए. जाहिर निषेध सभा में बडी संख्या में पैंथर्स उपस्थित थे. 

    आभार कार्यक्रम में पश्चात वैशाली मेश्राम व टीम का भजन कार्यक्रम लिया गया. विविध विषयों पर भजनों का गायन किया गया. इसमे उन्हे तबला वादक बाबुराव जुमनाके, हार्मोनियम वादक गजानन कुकडे ने सहयोग दिया. भजन मंडली में चैताली मेश्राम, पंचकला पटले, मोनाली केदार, तमन्ना कावळे, नंदीनी कावले, संगीता गायकवाड आदि का सहभागी हुए थे. 

    आंदोलन सफलतार्थ अशोक तुमराम, गोकुल मेश्राम, पुरूषोत्तम सोयाम, कैलास पाटील, रघु आत्राम, बाबुराव जुमनाके, जितेश कुलमेथे, प्रदिप गेडाम, वामन गणवीर, अशोक उईके, मनोहरराव मेश्राम, जमुना तुमराम, रंजना किन्नाके, वैशाली मेश्राम, तारा आत्राम व अन्य आदिवासी बांधवों का सहयोग मिला.