जिले भर में मानसून की जोरदार एन्ट्री, गाज गिरने से एक महिला की मौत, 3 की मौत संदिग्ध

    • दो दिनों से लगातार जारी वज्रापात
    • किसानों में नजर आया उत्साह 

    चंद्रपुर. जिले भर में आखिरकार लम्बी प्रतीक्षा के बाद मानसून ने जोरदार एन्ट्री की है. सोमवार की दोपहर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बीती रात भर चलता रहा. वहीं शहर में आज दोपहर में भले ही उसम भरी गरमी थी परंतु दोपहर में कुछ समय के लिए बारिश ने अपना असर दिखाया. पिछले 24 घंटे से वज्रापात का सिलसिला भी जारी है. इसके चलते शहर से सटे दुर्गापुर परिसर में एक परिवार पर गाज गिरने से एक मां और उसकी दो बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई.

    हालांकि इस घटना को लेकर देर शाम तक संदेह बना हुआ था कि तीनों की मौत गाज गिरने से हुई या करंट लगने से हुई. पुलिस भी यह कहते हुए पायी गई कि पोस्टमार्टम के बाद ही सच्चाई सामने आ सकत है. वहीं परिसर के लाईनमैन का कहना है कि महिला के घर बिजली का कनेक्शन नहीं था. वहीं  चिमूर तहसील के नेरी में एक महिला गाज की चपेट में आने से उसकी मौके पर मौत हो गई. वहीं निरंतर बारिश से खेतों की भूमि नम पडने के कारण अब किसान दुगुने जोश के साथ बीजों की रोपाई में जुट गए है. 

    गाज ने ली महिला की जान

    चिमूर तहसील के नेरी के समीपस्थ उसेगांव खेत परिसर में गाज गिरने से इसी गांव की रहनेवाली शशिकला तीरदास चांभारे 38 इसकी चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वह प्रतिदिन के भांति सुबह अपने खेत पर गई थी.दिन भर काम कर 3 से 4 बजे के दौरान चिमूर तहसील में मेघगर्जना सहित बारिश ने जोरदार असर दिखाना शुरू कर दिया .मेघगर्जना के कारण परिसर के सम्पूर्ण किसान भयभीत होकर घर की ओर भाग निकले.

    शशिकला ने भी घर ओर दौड लगाई थी परंतु बीच रास्ते में ही उस पर गाज गिरी और उसने जगह पर दम तोड दिया. गांव के नागरिकों को इसकी जानकारी मिलते ही लोग घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल   शशिकला चांभारे को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नेरी में पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए उपजिला अस्पताल चिमूर रवाना किया . मृतक के परिवार में पति, पुत्र और पुत्री है. महिला की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड टूट पड़ा है. 

    देर से ही सही मानसून का हुआ आगमन

    आमतौर मानसून का जून के प्रथम सप्ताह में आगमन हो जाता है और मृग नक्षत्र में यह जोर पकडता है परंतु इस बार आधा जून महीना बीतने के बाद भी मानसून की रफ्तार काफी धीमी होने से किसान काफी चिंतित नजर आ रहे थे. मृग नक्षत्र में काफी कम प्रमाण में बारिश हुई. जिससे बीज रोपाई काफी प्रभावित हुई.

    खेत बीजों की रोपाई के लिए पूरी तरह से तैयार कर दिए जाने के बाद भी खेत की मिट्टी बारिश के पानी से नरम नहीं पडने के कारण बीजों के सडने का खतरा नजर आ रहा था. इस बीच सोमवार से लगातार हो रही बारिश होने से किसानों में उत्साह नजर आ रहा है. सोमवार की रात पूरे जिले भर में मानसून सक्रिय रहा.आज मंगलवार को खेतों में सपरिवार किसान बीजों की रोपाई करते हुए नजर आ रहे थे.

    शहर में उमस से मिली निजात

    चंद्रपुर शहर में सुबह में बारिश रूकने के बाद दोपहर 3 बजे तक आसमान में काले बादल तो छाये हुए थे परंतु जबरदस्त उमस की स्थिति थी. अचानक बादलों की गर्जना और बिजली कडकने के साथ बारिश शुरू हुई और मात्र आधे से पौन घंटे के बाद फिर से मौसम पहले की तरह हो गया. बारिश के कारण उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली.

    24 घंटे की बारिश

    चंद्रपुर में 43.4 मिमी, मूल में 40.5 मिमी, गोंडपिपरी में  2.0 मिमी, वरोरा में 12.7 मिमी, भद्रावती में 30.5 मिमी, चिमूर में 10.3 मिमी, ब्रम्हपुरी  6.3 मिमी, नागभीड 27.3 मिमी सिंदेवाही 18.1 मिमी, राजुरा में 50.8 मिमी, कोरपना में 17.8 मिमी, सावली में  26 मिमी, बल्लारपुर में 29.5 मिमी, पोंभूर्णा में 30.8 मिमी, जिवती में  21.3 मिमी कुल मिलाकर 22 मिमी बारिश हुई.