ST Break Failed

    • कबाड वाहनों का चलाने का आरोप

    राजुरा/गडचांदूर: गाडेगांव विरूर से राजुरा की ओर आ रही एक एसटी बस के ब्रेक फेल होने पर बस चालक ने  समय सूचकता दिखाते हुए बस को रोड के किनारे मैदान की ओर मोड दिया जिससे बस में बैठे यात्रियों की जान बच गई. यह हादसा आज रविवार 22 जनवरी की सुबह 7 बजे खामोना गांव के पास हुआ. यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि बस कबाड होने के बाद भी उसे चलाया जा रहा है.

    राजुरा डिपो की बस क्र. एमएच 07 सी  9081 शनिवार की शाम गाडेगांव-विरूर पहुंची थी वहां हाल्टिंग करने के बाद आज रविवार की सुबह बस को लेकर बस चालक सुनील गोपाजी साव राजुरा की ओर निकला था. सुबह 7 बजे के दौरान बस चालक को महसूस हुआ कि बस के ब्रेक फेल हो चुके है. ऐसे में बस सामने किसी भी वाहन से टकरा सकती है. उसने बिना देरी किए बस को रोड के किनारे खुले मैदान में मोड दिया. बस चालक द्वारा ऐसा करते हुए बस में बैठे यात्री कुछ नहीं समझ पाये सभी हैरत में थे.

    कुछ दूरी पर जाकर बस को रूकने में बस चालक को सफलता मिली और जब यात्रियों का पता चला कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे और बस किसी भी समय किसी और वाहन से टकरा सकती थी. सभी ने बस चालक सुनील गोपाजी साव की समय सूचकता की सराहना की. बस से यात्रियों को उतारकर अन्य बस से आगे भेजा गया. बस को टोचन लगाकर डिपो लगाया गया.

    बताया जाता है कि इस बस में सोमवार से लेकर शनिवार तक बडी संख्या में स्कूली विद्यार्थी यात्री होते है और बस खचाखच भरी रहती है. आज रविवार होने से स्कूली बच्चे नहीं थे परंतु अन्य यात्रियों से बस भरी थी. जानकारी है कि बस में 50 यात्री सवार थे. बस चालक की समयसूचकता के कारण किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं पहुंची.

    इस दुर्घटना के संदर्भ में और जानकारी प्राप्त की गई तो बताया गया कि बस पूरी तरह से कबाड हो चुकी है. इसके बाद भी इसे एसटी महामंडल यात्री परिवहन के लिए इस्तेमाल कर रहा है. यही नहीं ऐसी कई बसे है जिनकी कंडीशन काफी खराब है और कई बार बीच रास्ते में बंद पडने की घटनाएं हो रही है. इस ब्रेक फेल हुई बसमें हार्न भी नहीं था इसलिए बच चालक को तुरंत निर्णय लेना पड़ा. 

    इस संदर्भ में राजुरा डेपो के प्रबंधक से संपर्क किए जाने पर उन्होने बताया कि वे साप्ताहिक अवकाश पर है उन्हें इस बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं है. वे सोमवार को आकर इस बारे में जांच जरूर करेंगे. उन्होने बस के स्क्रेप होने से साफ इंकार कर दिया और कहा कि बस पूरी तरह से सही थी.वहीं एसटी कर्मी संगठन के एक पदाधिकारी का कहना था कि कबाड हो चुकी बसों को चलाया जारहा है. इसकी वजह से ऐसी घटनाएं हो रही है. बसेस चलाने में चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है. परंतु एसटी महामंडल ध्यान देने को तैयार नहीं है.