खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें-पालकमंत्री

    • जिले में कृषि केंद्र का निरीक्षण के आदेश
    • पालकमंत्री ने की जिले के यूरिया की समीक्षा 

    चंद्रपुर. खरीफ सीजन के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध है. किंतु खाद की कृत्रिम किल्लत निर्माण कर किसानों को ऊंची कीमत में खाद बेचे जाने की शिकायत मिल रही है. ऐसे कृषि केंदों की जांच कर दोषी पाए जाने खाद केंद्र पर तत्काल कार्रवाई के आदेश पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने कृषि विभाग को दिए है. वे ब्रम्हपुरी के शासकीय विश्रामगृह में आयोजित यूरिया खाद समीक्षा बैठक में बोल रहे थे.

    बैठक में विधायक अभिजित वंजारी, जिलाधीश अजय गुल्हाने, जिप सीईओ डा. मिताली सेठी, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी समेत कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.

    केंद्र सरकार की नीति अनुसार रासायनिक खाद का वितरण एम-एफएमएस प्रणालीवर ई- पास मशीन से करना अनिवार्य है. किंतु जिले के लाईससेंसधारी रासायनिक खाद विक्रेता आफलाईन तरीके से खाद की बिक्री कर रहे है. इसकी वजह से जिले के पोर्टल पर यूरिया खाद का स्टाक दिखाया जा रहा है. इस प्रकार खाद की उपलब्धता में बाधा आने से यूरिया खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही है.

    ऊंची कीमत में खाद की बिक्री तथा जबरन अनावश्यक खाद की किसानों को बेचने वाले लाईसेंसी रासायनिक खाद बिक्री केंद्र को निलंबित करना चाहिए. इसके लिए आगामी दो दिनों में कृषि केंद्रों की जांच उसकी रिपोर्ट जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी को प्रस्तुत करने के आदेश दिए.दोषी पाए जाने पर लाईसेंसधारी रासायनिक खाद बिक्री केंद्र के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश पालकमंत्री वडेट्टीवार ने दिए है.

    पालकमंत्री ने आगे कहा कि जिले में यूरिया और अन्य उर्वरकों की नियमित उपलब्धता और आपूर्ति होगी, यह कहते हुए कि जिले में यूरिया का प्रचुर भंडार है और किसानों को चिंता नहीं करनी चाहिए. कृषि आयुक्तालय, पुणे द्वारा खरीफ सीजन 2021 के लिए 50,690 मीट्रिक टन यूरिया का आवंटन मंजूर किया गया है. 1 अप्रैल से 17 सितंबर 2021 तक जिले में 48,120 मीट्रिक टन 94.92 प्रतिशत यूरिया उपलब्ध कराया गया है और आज जिले में 7925 मीट्रिक टन यूरिया का भंडार शेष है.

    खरीफ सीजन 2021 (30 सितंबर, 2021) के अंत तक 6083 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक की उपलब्धता की योजना है. पर रबी का मौसम 1 अक्टूबर, 2021 से शुरू हो रहा है और चंद्रपुर जिले के लिए 22,240 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक के आवंटन को कृषि आयुक्तालय द्वारा मंजूरी दी गई है. इस प्रकार किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि पर्याप्त खाद का भंडार उपलब्ध है.

    वर्तमान में खरीफ का मौसम चल रहा है और धान, कपास और सोयाबीन मुख्य फसलें हैं. जिले में सामान्यत 4,55,521 क्षेत्र बुआई के लिए निर्धारित है जिसमें 94.93 प्रतिशत क्षेत्र में बुवाई की जा चुकी है. जिला कृषि अधीक्षक भाऊसाहब बराटे ने कहा कि जिले में संतोषजनक बारिश हुई है और फसलों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की सख्त जरूरत है.