Girl Student Injured Case,

Loading

  • बीमा कंपनियों की करतूत
  • जिले में अब तक 1111 पंचनामों में गडबडी
  • कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए

चंद्रपुर. बीमा कंपनी द्वारा स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण खराब हुई फसलों का पंचनामा बनाते समय गडबडी किए जाने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी. ने इस संबंध में समीक्षा बैठक कर जांच कराने के आदेश दिए हैं. जिले में कुल 1111 ऐसे पंचनामे पाये गए जिनमें गडबडी की गई. इनमें सबसे अधिक वरोरा तहसील के पंचनामे है.

जिलाधिकारी कार्यालय में हुई इस बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक रीना जनबंधु, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी भाऊसाहब बरहाटे, जिला मुख्य बैंक प्रबंधक प्रशांत धोंगले एवं तालुका स्तर से तहसीलदार, तालुका कृषि अधिकारी उपस्थित थे.

कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संबंधित किसानों के सामने फसलों का पंचनामा करते हैं. हालांकि, यह बात सामने आई है कि बीमा कंपनी ने किसानों के सामने पंचनामा को गलत बताया है। इसमें कुछ तालुकों में मूल पंचनामा में छेड़छाड़, फर्जी हस्ताक्षर, संख्या में अंतर, अलग-अलग मोहर, नकली जेरॉक्स पाए गए हैं. मामला जिलाधिकारी के ध्यान में आते ही जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों व बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के साथ बैठक की.

तालुका कृषि पदाधिकारी पंचनामा में पायी गई विसंगति, छेड़छाड़, पुन: व्हाईटनर लगाकर लिखे हुए पंचनामों  को वर्गीकृत कर इसकी सूचना तत्काल जिला मुख्यालय को प्रस्तुत करें. जिससे बीमा कंपनी से मूल पंचनामा की प्रति प्राप्त करने में आसानी होगी। उसके बाद मामले की जांच की जाएगी, ऐसा जिलाधिकारी ने कहा।

जिले में अब तक छह तालुकों में 1111 पंचनामा पाए गए हैं जिनमें सबसे अधिक 822 मामले वरोरा तालुका में, 162 मामले चिमूर में, 60 पोंभूर्णा में, 37 गोंडपिपरी में, 25 चंद्रपुर में और 5 मामले सावली में पाए गए हैं. कुछ तालुकों की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है और वे अपनी रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करें. हालांकि अन्य तालुकों से रिपोर्ट अधूरी है, लेकिन जिला कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया कि तालुका कृषि अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलनी चाहिए.