परीक्षा रद्द होने से जिले के हजारों विद्यार्थियों को हुई असुविधा

    • ऐन समय पर परीक्षा रद्द होने से नाराज
    • कई विद्यार्थी पहुंचे थे नागपुर

    चंद्रपुर. स्वास्थ्य विभाग की परीक्षा हॉल टिकट की गड़बड़ी के कारण पहले से ही चर्चा थी. ऐसे में ऐन समय पर परीक्षा रद्द कर दिए जाने से परीक्षार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. देर रात विद्यार्थियों के मोबाईल पर एसएमएस भेजा गया. सैकड़ों विद्यार्थियों की जानकारी नहीं थी.

    इसके चलते आज तडके पांच बचे के बीच नागपुर परीक्षा केन्द्र में जाने के लिए निजी ट्रैव्हल्स सेट और बस स्टेशन पर सैकड़ों विद्यार्थी पहुंचे. ऐसे परीक्षा आगे बढा दिए जाने की काफी अफरातफरी मच गई थी. इससे सभी में रोष व्याप्त है. जिले के हजारों विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी झेलनी पडी.

    स्वास्थ्य विभाग के गट क और ड संवर्ग के 6205 पदों की लिखित परीक्षा 25 और 26 सितंबर को आयोजित की गई थी. इसके अनुसार नौकरी भरती के लिए प्रतीक्षारत हजारों युवक_युवतियों ने इसके लिए आवेदन किया था. प्रवेशपत्र डाऊनलोड नहीं होने से पिछले दो से तीन दिनों से विद्यार्थियों की दौड़धूप शुरू थी. ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने शहरों के चक्कर काटकर आखिरकार अंतिम दिन तक अपना प्रवेशपत्र साईबर नेट से निकालने में सफलता पायी.

    चंद्रपुर जिले के अधिकांश विद्यार्थियों का नागपुर परीक्षा केन्द्र दिया गया था. परीक्षा केन्द्र पर साढे 9 बजे रिपोर्टिंग का समय दिए जाने से अनेक विद्यार्थी शुक्रवार की रात ही नागपुर रवाना हो गए. कुछ ने जहां जगह मिली वहां मुकाम किया कुछ अपने नाते रिश्तेदार के यहां रूके. चंद्रपुर के कुछ विद्यार्थियों ने निजी वाहन बुक किया था. चंद्रपुर आगार से तडके साढे पांच बजे की बस विद्यार्थियों को लेकर रवाना हुई.

    ट्रैव्हल्स संचालक ने वापस किए पैसे

    चंद्रपुर के एक निजी ट्रैव्हल्स संचालक ने परीक्षार्थी विद्यार्थियों के लिए सुबह साढे पांच बजे की बस छोडने का निर्णय लिया था. इसके लिए विद्यार्थियों ने पहले से टिकट बुक कर लिए थे. विद्यार्थी आज सुबह पांच बजे बस छूटने के समय पर पहुंचे परंतु परीक्षा ऐन समय पर रद्द कर दिए जाने की सूचना मिलने पर उन्होने संचालक ने बुकिंग रद्द करने की विनंती की. विद्यार्थियों की व्यथा को देखते हुए ट्रैव्हल्स संचालक ने भी सहदयता दिखाई और सभी के पैसे वापस कर दिए. विद्यार्थियों ने ट्रैव्हल्स संचालक के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की.

    विद्यार्थियों में मची रही अफरातरफरी और संभ्रम

    सुबह जल्दी जाने के हड़बडी में कई विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजा गया एसएमएस पढा ही नहीं और ना ही टेलिविजन पर समाचार सुना. सैकड़ों विदयार्थी शनिवार को निजी ट्रैव्हल्स और एसटी. महामंडल के आगार पर पहुंच गए जहां दोनों जगहों पर अफरातफरी भरा माहौल रहा. सभी अपने अपने मोबाईल पर एसएमएस जांच रहे थे.

    रातोरात लिए गए निर्णय से विद्यार्थियों में असंतोष

    परीक्षा के 15 से 17 घंटे पूर्व ऐन समय पर परीक्षा रद्द करने का निर्णय स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए जाने से सभी काफी नाराज दिखाई दिए. विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस लचर कार्यप्रणाली के चलते आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना किया.जिसका गुस्सा उनके चेहरों पर झलक रहा था.

    संबंधितों पर कार्रवाई करने की सांसद, विधायक से मांग

    राज्य के स्वास्थ्य विभाग के गट क और ड संवर्ग के परीक्षा 25 और 26 सितंबर दो दिनों के लिए सुनिश्चित की गई थी. इसके अनुसार विद्यार्थियों ने मिले उस साधन से किस तरह से व्यवस्था की थी. ऐन समय पर परीक्षा रद्द होने से उन्हें जिस तरह की परेशानी उठानी पड़ी उसे देखते हुए संबंधितों पर कार्यवाही करने की मांग विद्यार्थियों ने सासंद बालू धानोरकर, विधायक प्रतिभा धानोरकर के माध्यम से मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे से की है.