सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए जिंदा किसान को बताया मृत

    •  प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना

     नागभीड़: सरकारी योजना का लाभ लेने का प्रयास कर रहे एक किसान को उस समय गहरा झटका लगा कि उसके जीवित रहते हुए भी सरकारी रिकार्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया है. अब किसान स्वयं को जीवित होने दुहाई दे रहा है परंतु प्रशासन ध्यान देने को तैयार नहीं है.

    सरकारी रिकार्ड में जीवित को किस तरह से मृत घोषित कर उसके लाभ की राशि का गबन होता है इस सच्चाई को बयान करती हुई सिने अभिनेता आमिर खान द्वारा निर्मित फिल्म पिपली लाईव की तरह घटना को बया करती एक घटना यहां नागभीड़ घटी है.

    नागभीड़ तहसील के राजोली (बोंड ) निवासी किसान यईंद्र कान्हू नागोसे की खेती गट नं 18 मंडल कार्यालय मिंडाला के अंतर्गत आती है. उसने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए आवेदन किया था. उसे प्रधानमंत्री किसान स्म्मान योजना का लाभार्थी मानकर प्रशासन ने दी जानेवाली राशि का वितरण भी शुरू कर दिया. उसे इस योजना के तहत चार किस्तें मिले परंतु अचानक किस्त देना बंद कर दिया गया. जब उसने इस बारे में सरकारी कार्यालय जाकर जानकारी निकाली तो पता चला कि वह तो मर चुका है.

    यईंद्र कान्हू नागोसे का कहना है कि प्रथम किस्त 11 मार्च 2019 को, दूसरी किस्त 17 मई 2019 को, तीसरी किस्त 1 नवंबर 209 को एवं चौथी किस्त 20 जुलाई 2020 को मिली.मात्र इसके बाद उसे किस्त मिलना बंद हो गई. उसने जानकारी हासिल की तो उसे बताया गया कि इस नाम के किसान की मौत हो चुकी है. जीवित होने के बाद भी उसे मृत घोषित किये जाने से उसने तहसील कार्यालय में इस योजना के संबंधित अधिकारी से किस्त फिर से जारी किए जाने के लिए आवेदन किया परंतु प्रशासन ने उसे किसी भी तरह की कोई मदद नहीं कर रहा है.

    किसान की आर्थिक स्थिति काफी नाजुक है. उसके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां है. किसी तरह खेतों में मजदूरी कर वह घर चला रहा है. किसान ने उक्त योजना का लाभ पाने के लिए न्याय की गुहार लगायी है.