Tur crop affected due to cloudy sky, borer attack on tur pods

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चंद्रपुर. पिछले दो दिनों से लगातार बादल छाये रहने के साथ-साथ बेमौसम बारिश के कारण तुरी की लहलहाती फसल पर संकट के बादल गहरा गये हैं. सिंदेवाही तहसील में तुअर व धान की फसल के साथ लगाया जाता है.  लेकिन इस तूअर पर मक्खी और फली छेदक कीट का प्रकोप बढ़ने से किसान चिंतित हैं. बदरीला मौसम तुअर की फसल पर कीटों और बीमारियों को आमंत्रित करता है.

वर्तमान समय में तुअर पर फली मक्खी एवं फली छेदक कीट का प्रकोप है. यदि कीट एवं रोगों के लिए अनुकूल वातावरण कुछ दिन और बना रहा तो नुकसान बढ़ने का डर है. 27 और 28 नवंबर को बेमौसम बारिश हुई. दो दिन बाद फिर से बादल छाने से तूअर की फसल पर अचानक फली छेदक कीट का हमला हो गया है. 

सिंदेवाही तहसील और नवरगांव क्षेत्र में कुछ दिनों से ठंड, कभी घना कोहरा तो कभी बादल छाए रहने से किसान चिंतित हो गए हैं. बादल छाये रहने के कारण रबी मौसम की चना एवं अरहर की फसलों पर विभिन्न कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है तथा उत्पादन में कमी आने की संभावना है. किसान कीट नियंत्रण के लिए महंगी दवा का छिड़काव कर रहे हैं और इसके कारण किसानों को वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. 

बादल छाए रहने के कारण तुअर के फुल छड रहे है. फुल गिरने से उत्पादन में भारी कमी की संभावना है. वहीं, बेमौसम बारिश से तुअर को काफी नुकसान हुआ है. तुअर की दाल से महंगाई की बढने की संभावना है. तुअर उत्पादकों ने ‘अच्छे दिन’ का सपना रंगना शुरू कर दिया, ऐसा ही लग रहा तो आम लोगों का बजट ध्वस्त हो जायेगा.

महंगी दवा का छिड़काव; तुअर का खर्च बढा

खेत में खड़ी तुअर की फसल खिल गयी है. लेकिन बादल छाये रहने के कारण तुअर पर कीड़ों का प्रकोप हो गया है. किसान कीट के प्रकोप को रोकने के लिए विभिन्न दवाओं का छिड़काव करके लार्वा को मार रहे हैं. लेकिन बेमौसम बारिश हो गई. इससे फूल गिरने का डर है. इससे तुअर उत्पादक किसानों को नुकसान हो रहा है. इस संबंध में कृषि विभाग को किसानों का मार्गदर्शन करने की जरूरत है.