eknath shinde
एकनाथ शिंदे

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मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने विधानसभा (Assembly) में मंगलवार को कहा कि कुनबी मराठों (Kunbi Marathas) के “विस्तारित रक्त संबंधियों” को प्रमाणपत्र देने के लिए पिछले महीने जारी मसौदा अधिसूचना की पड़ताल जारी है क्योंकि इस बाबत छह लाख आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।  

शिंदे सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में मराठा समुदाय को एक नयी श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करने वाला विधेयक पेश करने के बाद निचले सदन में बोल रहे थे। महाराष्ट्र राज्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा विधेयक 2024 को राज्य विधानमंडल ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। 

शिंदे ने कहा, ‘‘राज्य सरकार को मसौदा अधिसूचना पर लोगों से लगभग 6 लाख आपत्तियां मिली हैं। पड़ताल की जा रही है। सरकार पड़ताल के बाद उचित निर्णय लेगी।” मसौदा अधिसूचना 26 जनवरी को प्रकाशित हुई थी और आपत्तियां जमा करने की समय सीमा 16 फरवरी को समाप्त हो गई। 

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार ने एक मसौदा अधिसूचना जारी की थी जिसमें कहा गया था कि यदि किसी मराठा व्यक्ति के पास यह दिखाने के लिए दस्तावेजी सबूत हैं कि वह कृषक कुनबी समुदाय से है, तो उस व्यक्ति के रक्त संबंधियों को भी कुनबी जाति का प्रमाण पत्र मिलेगा। जरांगे अपनी इस मांग पर अड़े हुए हैं कि मराठा समुदाय को ओबीसी समूह के तहत आरक्षण दिया जाए, क्योंकि कुनबी एक पिछड़ा वर्ग है।

(एजेंसी)