bhandara hospital fire today

नागपुर. महाराष्ट्र (Maharashtra) के भंडारा (Bhandara) स्थित जिला अस्पताल (District Hospital) में आग लगने से 10 शिशुओं की मौत होने के एक दिन बाद नेशनल फायर सर्विस कॉलेज (National Fire Service College) के निदेशक रमेश कुमार (Ramsh Kumar) ने कहा कि अस्पतालों समेत अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानदंडों को नजरअंदाज किया जा रहा है और इस मुद्दे पर गहराई से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। कुमार ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सभी इमारतों में आधुनिक अग्नि सुरक्षा उपकरण स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा उचित तरह से रखरखाव किया जाना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने बताया कि नेशनल फायर सर्विस कॉलेज (National Fire Service College) के तीन इंजीनियर भी भंडारा के अस्पताल में लगी आग की घटना को लेकर जांच करने वाली टीम का हिस्सा हैं। कुमार ने कहा, ”हमारा विशेष ध्यान अग्नि सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजामों पर रहेगा। जैसे कि सुरक्षा उपकरण कितने उपयोगी थे और वे काम भी कर रहे थे अथवा नहीं? और अस्पताल का सुरक्षा ऑडिट किया गया था या नहीं?” उन्होंने कहा कि केंद्र के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने भी कड़े अग्नि सुरक्षा मानदंडों (Fire Safety Norms) को लागू किया है।

कुमार ने कहा, ” महाराष्ट्र सरकार ने एक अधिनियम भी पारित किया है कि इन मानदंडों का पालन किया जाना चाहिए, चाहे वह निजी हो या सरकारी इमारत हो। हालांकि, लोगों द्वारा इन तथ्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इन मुद्दों पर गहराई से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर अग्नि सुरक्षा उपकरण मौजूद होते हैं लेकिन वे अक्सर चलने लायक नहीं होते। कई बार उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद लोग इनका उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित नहीं होते हैं। (एजेंसी)