कन्नमवार जलाशय में 20.46% पानी, बांध में जलसंग्रहण कम फिर भी धूपकाले के जलसंकट से मिलेगी मुक्ती

    चामोर्शी. तहसील के सैंकड़ों हेक्टेयर खेती सिंचाई के निचे लानेवाले रेगडी के कन्नमवार जलाशय में वर्तमान स्थिती में केवल 20.46 प्रश जलसंग्रहण है. यहीं स्थिती तहसील के अन्य तालाबों की भी है. जलसंग्रहण कम है, फिर भी तहसील के साथ शहर में धूपकाले के जलसंकट से मुक्ती मिलनेवाली है. इसके लिए नगर पंचायत ने नियोजन किया है. जिससे नागरिकों के साथ ही प्रशासन को भी राहत मिलने की बात कहीं जा रही है.

    इस वर्ष देरी से बारिश का आगमन हुआ. अंत में बारिश औसतन पपार होने से तहसील का एकमात्र रेगडी का कन्नमवार जलाशय अगस्त माह में शतप्रतिशत लबालब होकर ओवरफ्लो हुआा था. जलाशय ने 230.57 मीटर पानी का स्तर पार किया था. जिससे तहसील के किसानों को राहत मिली थी. जिससे तहसील के करीबन 28,800 हजार हेक्टेयर बुआई क्षेत्र में से खरीफ सीज में 11 हजार हेक्टेयर खेतों को सिंचाई हुई. वहीं अन्य खेतों को माता तालाब व अन्य गांव तालाब, कुएं, लघू तालाब आदि के सहायता से सिंचाई हुई.

    इसके बाद जलाशय के 62.96 प्रश बाकी जलसंग्रहन से रब्बी धान फसलों के लिए सोनापुर, कृष्णनगर, विक्रमपुर मायनर व कुरुड वितरिका के 180 हेक्टेयर खेतजमिन को 15.39 द. ल. घ. मी. पानी सिंचाई हेतु उपयोग किया गया. 9 मई 2022 को जलाशय में 20.46 प्रश ही पानी बचा हुआ है. तहसील के सभी तालाबों में कुछ मात्रा में जलसंग्रहण उपलब्ध है. जिससे मवेशियों के पानी की समस्या हल होनेवाली है. आगामी जून माह तक पानी समस्या से नागरिकों को राहत मिलनेवाली है. तहसील में धूपकाले के दिनों में जलसंकट से मुक्ती मिलेगी, ऐसी आंस लगाई जा रही है.

    लघू तालाबों में भी पानी की स्थिती अच्छी 

    तहसील के कुनघाडा लघु तालाब में 40.68 प्रश जलसंग्रहण है. अनखोडा लघु तालाब में 28.60 प्रश, तलोधी के मामा तालाब में 20.86 प्रश, घोट के मामा तालाब में 81. 75 प्रश पानी बचा है. वहीं चिचडोह बैरेज के गेट बंद किए जाने से वहां भी जलसंग्रहण उपलब्घ है. जिला परिषद सिंचाई उपविभाग अंतर्गत आनेवाले तहसील के 169 गांव तालाब में औसतन 15 प्रश जलसंग्रहन उपलब्ध है. वहीं गांवों के कुओं का जलस्तर तेजी से घट रहा है. किंतू गांवों के बोरवेल, मिनी बोरवेल, मिनी मोटारपंप, घर घर में पानी की सुविधा है. 

    नए जलकुंभ के लिए 2 करोड़ का प्रस्ताव 

    चामोर्शी समिपस्य बहनेवाले वैनगंगा नदी पर चिचडोह बैरेज का निर्माण किया गया है. फिलहाल बैरेज के गेट बंद है. जिससे चामोर्शी शहर के नागरिकों को नगर पंचायत द्वारा पेयजल आपूर्ति करने में कुछ समस्या निर्माण हो रही है. इसके लिए चिचडोह प्रशासन को जलापूर्ति करने के लिए बैरेज का 1 गेट खुला रखने का सुचित किया गया है. शहर के हर प्रभाग में सुबह, व शाम चरणबद्ध रूप से दिनभर में एकबार नल जापूर्ति की जा रही है.

    जिस प्रभाग में जलापूर्ति की सुविधा नहीं है, वहां टैंकर द्वारा जलापूर्ति की जा रही है. वहीं भविष्य में शहर को जलापूर्ति करने के लिए हनुमान वार्ड के पुराने टंकी के पास 2 करोड़ रूपये खर्च कर नएं जलकुंभ का निर्माण किया जोनवाला है. चिचडोह बांध से 136 पाईप पुराने वैनगंगा नदी के कुएं तक डाले जानेवाले है. इस माध्यम से कुएं में पानी डालकर जलापूर्ति की जाएगी. इसके लिए जीवन प्राधिकरण की ओर प्रस्ताव भेजा गया हे. उस दृष्टि से नियोजन शुरू होने की बात नगर पंचायत के जलापूर्ति व स्वच्छता सभापति सुमेध तुरे ने कहीं है.