गड़चिरोली में पहुंची 24 मोबाईल वैक्सीनेशन वैन, 19 दिनों से रूके है वाहनों के पहिया, निधि और कर्मचारियों की कमी

    गड़चिरोली. राज्य के सबसे पिछड़े, आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित गड़चिरोली जिले में टीकाकरण की फिसदी बढ़ाने के लिये विदर्भ विकास महामंड़ल के सीएचआर फंड़ से 24 मोबाईल वैक्सीनेशन वैन 28 अगस्त को गड़चिरोली जिले में दाखिल कराई गयी. जिससे यह वाहन जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में पहुंचकर तथा लोगों को कोरोना का टीका लगवाकर जिले में टीके की फिसदी बढेगी. ऐसी संभावना जताई जा रही थी.

    लेकिन जिले में 24 मोबाईल वैन पहुंचकर 19 दिनों की कालावधि बीत जाने के बावजूद भी वाहन चलाने के निधि और कर्मचारी ही उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण यह वाहन केवल शो-पिस बनते दिखाई दे रहे है. वहीं दुसरी ओर वैक्सीनेशन मोबाईल वैन के पहिया रूके होने के कारण जिले में टीकाकरण की फिसदी बढ़ते नजर नहीं आ रही है. जिससे जिला प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर जिले में टीकाकरण की फिसदी बढ़ाने के लिये तत्काल निधि और कर्मचारियों को उपलब्ध कराने का प्रयास करें, ऐसी मांग जिले के नागरिकों द्वारा की जा रही है. 

    इन कर्मचारियों की है आवश्यकता 

    बता दे कि, गड़चिरोली जिला यह विदर्भ का अकेला जिला बना जिसे विदर्भ विकास महामंडल ने एक नहीं बल्कि 24 मोबाईल वैक्सीनेशन वाहन उपलब्ध कराई है. लेकिन यह वाहन चलाने के लिये प्रत्येक वाहन में वाहन चालक और डेटा ऑपरेटर और प्रोजेक्टर मैंनेजर नहीं मिले है. जिले की प्रत्येक तहसील में एक प्रोजेक्टर मैंनेजर और डेटा ऑपरेटर की आवश्यकता है. विशेषत: यह संपूर्ण कार्य करने के लिये निधि की बेहद आवश्यका है.

    लेकिन निधि और आवश्यक कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने के कारण जिले में मोबाईल वैक्सीनेशन वाहन पहुंचकर जिले में टीकाकरण का कार्य रूका हुआ है. 

    मुंबई के प्रोजेक्ट-मी संसथा के साथ हुआ था करार

    गड़चिरोली जिले में 24 मोबाईल वैक्सीनेशन वाहन उपलब्ध होने के बाद वाहन और वैक्सीनेशन कार्य के लिये आवश्यक निधि और कर्मचारी देने संदर्भ में जिलाधिश ने मुंबई की प्रोजेक्ट-मी संस्था के  साथ करारनामा किया था. इस करारनामा नुसार मुंबई की प्रोजेक्ट-मी संस्था को मोबाईल वैक्सीनेशन वाहन के लिये आवश्यक कर्मचारी और निधि उपलब्ध करा देना जरूरी था. लेनिक संबंधित संस्था ने अब तक करारनामा पर अमल नहीं किया है. जिसके कारण न ही निधि उपलब्ध हो सकी और ना ही कर्मचारी. जिसका खामियाजा गड़चिरोली जिले में मोबाईल वैक्सीनेशन के तहत टीकाकरण का कार्य रूका हुआ है. 

    5 लाख 41 हजार 69 लोगों ने लगाया कोरोना के टिके

    इधर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर लोगों को कोरोना का टीका लगवाने संदर्भ में विशेष जनजागृति  करते हुए लोगों को कोरोना का पहला और दुसरा टीका लगवा रहे है. जिले में अब तक 4 लाख 25 हजार 492 लोगों ने कोरोना का पहला टीका लगवाया है. वहीं 1 लाख 15 हजार 577 लोगों ने कोरोना का दुसरा टीका लगवाया है. जिले में कोरोना के पहले टीके की फिसदी 53.82 प्रश होकर दुसरे टिके की फिसदी 14.62 प्रश है. इसके अलावा जिले में टीकाकरण की फिसदी बढ़ाने के लिये स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किया जा रहा है.