पुलिस विभाग को डीपीसी निधी से 51 लाख का पुरस्कार, पालकमंत्री एकनाथ शिंदे की घोषणा

    गड़चिरोली. गड़चिरोली पुलिस दल ने किए गए उल्लेखनिय कार्य के चलते पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिला नियोजन के निधि से 51 लाख का पुरस्कार देने की घोषणा आज 15 नवंबर को गड़चिरोली में की. पुलिस का मनोबल बढ़े व उन्हे आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो, इसलिए इस निधि का निश्चित ही उन्हे लाभ मिलेगा, ऐसा विश्वास उनहेने इस समय व्यक्त किया. 

    शनिवार को गड़चिरोली- छत्तीसगड़ के सीमा पर धानोरा तहसील में हुए पुलिस व नक्सलियों के बिच हुए मुठभेड़ में सी-60 जवानों ने 26 नक्सलियों को ढ़ेर किया. जिससे जवानों का अभिनंदन करने हेतु वे जिले में दाखिल हुए. इस दौरान आयोजित पत्रपरिषद में पालकमंत्री ने सी-60 जवानो के साथ सहभागी पुलिस अधिकारी व कर्मीयों का भी अभिनंदन किया.

    पुलिस का मनोबल बढ़ाने के लिए जो समस्याएं होंगे व मुख्यमंत्री व गृहमंत्री से चर्चा कर हल किए जाऐंगे ऐसा आश्वासन उन्होने इस समय दिया. उक्त कार्य के चलते पालकमंत्री ने पुलिस उपमहानिरीक्षक संदीप पाटील, पुलिस अधिक्षक अंकित गोयल, अप्पर पुलिस अधिक्षक सोमय मुंडे के साथ सभी पुलिस अधिकारियों की प्रशंसा कर अभिनंदन किया. 

    अत्याधुनिक सुरक्षा के बावजूद तेलतुंबडे किया ढ़ेर  सी-60 जवानों ने करीब 8 घंटे पैदल जंगल, पहाड़ी पार कर नक्सलियों का मुकाबला किया. इस मुठभेड़ में जवानों ने 26 नक्सलियों को यमलोक पहुचाया. मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से बरामद किए गए अत्याधुनिक हथियारों को देखते हुए नक्सलियों का टॉप का कमांडर मिलिंद तेलतुंबडे की सुरक्षा व्यवस्था को पार कर उसे ढ़ेर करने में गड़चिरोली पुलिस ने सफलता अर्जित की. यह बात निश्चित ही प्रशंसनीय है. जिससे महाराष्ट्र समेत अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के भी नक्सलियों को भी सबक सिखाने अपने राज्य को सफलता मिलने की बात भी उन्होने कहीं. 

    देशभर के नक्सल संगठनों को झटका  नक्सली आंदोलन का टॉप का कमांडर होनेवाले मिलिंद तेलतुंबडे की अनेक राज्यों को तलाश थी. केंद्र सरकार भी उसके पिछे था. मदिनटोला जंगल परिसर में किए गए मुठभेड़ में उसे ढ़ेर करने में पुलिस जवानों को सफलता मिली है. इस कार्रवाई से केवल राज्य में ही नहीं बल्की देशभर के नक्सल आंदोलन को जबरदस्त झटका लगा है. ऐसी बात भी पालकमंत्री ने इस समय कहीं. 

    विकास ही जिले के प्रगतशिलता का मार्ग  अन्य जिलों के भांती गड़चिरोली जिले को विकास के मुख्य धारा में लाने के लिए प्रयासरत होने की बात उन्होने कहीं. इसके लिए केंद्र सरकार की भी मदद ली जा रही है. जिले के दुर्गम क्षेत्र में कनेक्टिव्हिटी बढ़ाने के लिए पुलियां का निर्माण, पक्की सड़के, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार निर्मिती से बेरोजगारों को रोजगार देने में अधिक प्राथमिकता दी जानेवाली है. विकास ही जिला प्रगतशिलता का मुख्य मार्ग है, ऐसी बात भी उन्होने कहीं.