केंद्र की हुकूमशाही के खिलाफ एकजुट हुए सभी दल, 11 अक्टूंबर को जिलेभर में बंद

    गड़चिरोली. केंद्र सरकार के किसान विरोधी कानुन रद्द करने की मांग को लेकर उत्तरप्रदेश राज्य के लखमापूर जिले में किए जा रहे किसान आंदोलन के दौरान आंदोलकों पर वाहन चलाते हुए 7 लोगों को मौत के घाट उतारा गया. वहीं मृतक के परिवार की सांत्वना करने जानेवाले अन्य राज्यों के मंत्रीयों के साथ वरीष्ठ नेताओं को स्थानबद्ध तथा हिरासत में लिया गया.

    योगी व केंद्र सरकार ने लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप करते हुए सरकार के इस हुकूमशाही के खिलाफ 11 अक्टूंबर को महाविकास आघाडी समेत सभी दलों की ओर से जिले में बंद का ऐलान किया गया है, ऐसी जानकारी सर्वदलीय पदाधिकारियों ने आज 9 अक्टूंबर को आयोजित पत्रपरिषद में दी है. 

    पत्रपरिषद में पूर्व सांसद मारोतराव कोवासे, पूर्व विधायक तथा कांग्रेस के प्रदेश सरचिटणीस डा. नामदेव उसेंडी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेंद्र ब्राम्हणवाडे, सुरेश सा. पोरेड्डीवार, राकां जिलाध्यक्ष रविंद्र वासेकर, शिवसेना जिलाध्यक्ष विलास शेडमाके इन महाविकास आघाड़ी सरकार के पदाधिकारियों के साथ जिले के सर्वदलीय पदाधिकारी प्रमुखता से उपस्थित थे.

    पत्रपरिषद में पूर्व विधायक डा. उसेंडी ने कहां कि, विगत 9 माह से देशभर के किसान कृषि कानुन का विरोध करते हुए उत्तरप्रदेश, पंजाब, दिल्ली सीमा पर आंदोलन कर रहे है. उत्तरप्रदेश के लखमीपूर जिले में भी किसान आंदोलन कर रहे थे.

    इस दौरान केंद्रीय मंत्री अजयकुमार मिश्रा को काले झंडे दिखाते हुए प्रदर्शन करते समय वाहन द्वारा आंदोलनकारियों को कुचला गया. इसमें 6 किसानों के साथ अन्य व्यक्ती की मृत्यू हुई. वहीं हिंसा के दौरान एक पत्रकार की भी मृत्यू हुई. इस मामले में अबतक किसी को गिरफ्तार अथवा किसी पर मामले दर्ज नहीं किए गए हे.

    वहीं मृतक परिवार की सांत्वना करने हेतु जानेवाले नेताओं को योगी सरकार ने स्थानबद्ध करते हुए लोकतंत्र की हत्या की. यह दबावतंत्र की निति का अवलंब करनेवाले केंद्र व योग सरकार के हुकूमशाही के खिलाफ 11 अक्टूंबर को गड़चिरोली शहर समेत जिले में जगह जगह बंद का ऐलान किया गया है.

    इस आंदोलन में किसान, आम नागरिकों के साथ युवा बड़ी संख्या में सहभागी होने का आह्वान इस समय किया गया. पत्रपरिष्ज्ञद में कांग्रेस के डा. नितीन कोडवते, पंकज गुड्डेवार, हसन गिलानी, सतीश विधाते, शिवसेना के नंदू कुमरे, राकां के जिलाध्यक्ष रविंद्र वासेकर, राकां महिला जिलाध्यक्ष शाहीन हकीम, बबलू हकीम, धानोरा के तहसील अध्यक्ष सोपानदेव मशाखेत्री, अखिल भारतीय रिपब्लिकन पार्टी के राजन बोरकर, भाकपा के देवराव चवले, जिप सदस्य एड. राम मेश्राम आदि समेत महाविकास आघाडी समेत सर्वदलीय पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे. 

    बंद को सर्वदलीय समर्थन 

    महाविकास आघाडी सरकार के पदाधिकारियों ने केंद्र व योगी सरकार के खिलाफ 11 अक्टूंबर को बंद का ऐलान किया है. इस बंद को जिले के अन्य दलों ने समर्थन देते हुए आंदोलन में सहभाग लेने की बात कहीं है. लखमीपूर मामले के पडसाद देशभर दिखाई दे रहे है, किंतू योगी व मोदी सरकार को इससे कुछ भी लेनेदेन दिखाई नहीं दे रहा है. जिससे इस हुकूमशाही सरकार को उसकी जगह दिखाने के लिए राज्य के साथ जिले में भी बंद रखा जानेवाला है. ऐसी जानकारी महाविकास आघाडी समेत सर्वदलीय नेताओं ने इस. इसमें कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस व शिवसेना इन महाविकास आघाडी के पदाधिकारियों के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, अखिल भारतीय रिपब्लिकन पार्टी आदि पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित थे. 

    ऐसी रहेगी आंदोलन की रुपरेषा

    11 अक्टूंबर को सर्वदलीयों द्वारा गड़चिरोली जिला मुख्यालय पर सुबह 11 बजे दोपहिया रैली निकालकर केंद्र व उत्तरप्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा. इस दौरान शहर के दुकाने बंद रखे जानेवाले है. इसके पश्चात इंदिरा गांधी चौक में धरना आंदोलन किया जानेवाला है. यहां सभा भी आयोजित होगी. गड़चिरोली शहर समेत जिले के अनेक तहसील मुख्यालय, शहर व बडे ग्रामीण क्षेत्र में भी आंदोलन किया जानेवाला है.