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    गड़चिरोली. बिते एक माह से जिले में उत्पात मचानेवाले उन जंगली हाथियों का छत्तीसगढ़ राज्य के हसदेव जंगल परिसर से ‘कनेक्शन’ होने की जानकारी उजागर हुई है. हसदेव जंगल क्षेत्र में कोयले के खाण के कारण विस्तापित हुए हाथियों की दिशाहीन भटकंती जारी है. इन जंगली हाथियों के उत्पात के चलते धानोरा तहसील के ग्रामीणों की निंद उड़ी है. 

    माहभर पूर्व कोरची तहसील के कोटगूल जंगल परिसर में जंगली हाथियों का प्रथम बाद दर्शन हुआ था. तब से जंगली हाथी धानोरा तहसील के मुरूमगांव वनपरिक्षेत्र में डेरा डाले हुए है. उक्त हाथी कहां से आए, इसे लेकर विभिन्न चर्चाएं हो रही थी. किंतू गड़चिरोली जिले में हीं नहीं तो समिपी छत्तीसगढ राज्य में भी कुछ वर्ष पूर्व जंगली हाथियों ने अनेक घर तथा फसलों को बर्बाद करने की जानकारी सामने आयी है.

    सैंकड़ों हाथियों का बसेरा होनेवाले छत्तीसगड राज्य का हसदेव जंगल क्षेत्र में कोयला खाण को शुरूआत होने से सैंकड़ों विस्तापित हाथियों का विगत कुछ वर्षो से दिशाहीन सफर शुरू है. किंतू इन दिशाहीत हाथियों का सफर नागरिकों के जान पर बन आने की बात कहीं जा रही है. 

    फुलकोडो में 4 मकानों को किया ध्वस्त 

    मुरुमगाव वनपरिक्षेत्र अंतर्गत विगत अनेक दिनों से डेरा डाले हाथियों के झुंड द्वारा खेत फसलों के साथ ही घरमकान का नुकसान करने के मामले जारी है. 6 नवंबर को भोजगाटा में 3 घरों को इन हाथियों ने बर्बाद किया था. ऐसे में बिती रात के दौरान इसी वनपरिक्षेत्र के फुलकोडो गांव में हाथियों ने उत्पात मचाकर 3 घरों को ध्वस्त करने की जानकारी है. समाचार लिखे जाने तक नुकसानग्रस्त मकान मालिकों के नाम पतां नहीं चल पाए.