शौचालय का निर्माण किंतू इस्तेमाल से परहेज – ग्रामीण क्षेत्र की स्थिती

  • मवेशियों का चारा व कबाड रखने के लिए हो रहा उपयोग 
  • शौचमुक्त गांव की संकल्पना की उड रही धज्जीयां 

गडचिरोली. केंद्र सरकार व राज्य सरकार के स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत ‘जहां घर वहां शौचालय’ इस योजना अंतर्गत सरकार द्वारा नागरिकों को शौचालय निर्माण को प्रोत्साहित किया. इसके लिए लाभार्थिरूों को विशेष अनुदान की सुविधा दी. शौचायल का निर्माण भी किया गया है. मात्र उक्त शौचालय का उपयोग नहीं होने से यह शौचायल शोपिस बने होने की स्थिती ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्र में दिखाई दे रही है. जिससे सरकार के शौचमुक्त गांव संकल्पना की धज्जीयां उडती नजर आ रही है. 

केंद्र व राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में स्वच्छता पर जोर दिया है. इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत तो शहरी क्षेत्र में नगरपंचायत, नगर परिषद प्रशासन कार्यो में जुटी है. विभीन्न योजना अंतर्गत ग्रामीण तथ्ज्ञा शहरी क्षेत्र के लोगों को स्वच्छता के संदर्भ में महत्व समझाने का प्रयास किया जा रहा है. मात्र ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक अब भी इससे अनभिज्ञ होने की होने की वास्तविक स्थिती है. आज भी ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के नागरिकों को सरकारी कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता का महत्व समझाने के लिए सभी स्तर से प्रयास किया जा रहा है.

मात्र कर्मचारियों को व्यापक प्रतिसाद नहीं मिलता दिखाई दे रहा है. स्वास्थ्य व स्वच्छता के दृष्टि से चलाएं जानेवाले ‘जहां घर वहां शौचालय’ इस उपक्रम भी स्थिती भी दयनिय हुई है. घर में शौचालय होने के बावजूद कुछ परिवार के व्यक्ती शौचालय का उपयोग कम तो मोबाईल का उपयोग अधिक कर रहे है. शौचालय सब्ती का किया गया हैद्व मात्र इसके उपयोग की ओर ग्रामीण क्षेत्र की जनता पूर्णत अनदेखी कर रही है. फलस्वरूप घर में शौचालय का निर्माझा करने के बावजूद भी उस शौचालय का उपयोग नहीं होने की स्थिती ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिल रही है. 

सरकार के योजना अंतर्गत अनुदान मिलने से नागरिक शौचालय का निर्माण पूर्ण कर रहे है. मात्र उसके उपयोग की ओर ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों ने अनेदखी की है. जिससे अनेक ग्रामीण क्षेत्र के शौचालय उपयोग के बिना शोपिस बने है. इन शौचालयों का उपयोग मवेशियों का चारा तथा कबाड वस्तूएं रखने के लिए किया जा रहा है. जिससे ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को शौचालय का महत्व कब समझ में आएगा ? ऐसा सवाल निर्माण हो रहा है. 

अधुरा निर्माण मात्र उठाया पुरा अनुदान

सरकार की ओर से घरकुल लाभार्थियों को घरकुल निर्माणकार्य के पूर्व शौचालय निर्माण करना आवश्यक है. ऐसी शर्त रखी गई है. मात्र ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक इन नियमों के लिए अपवाद बन रहे है. ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक आधे अधुरे शौचालय का निर्माण कर सरकार व प्रशासन की दिशाभूल कर रहे है.

इसमें ग्रामीण क्षेत्र के ग्रामसेवक भी अनदेखी करने से इन नागरिकों का फर्जीवाडा चल रहा है. सरकार की ओर से शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों को अनुदान दिया जाता है. शौचालय के लिए मिलनेवाले अनुदान में से कुछ राशी निर्माणकार्य के लिए खर्च कर बाकी की राशी लाभार्थी अन्य कार्यो के लिए खर्च करने की बात कहीं जा रही है. 

शौचमुक्ती की ओर ग्रामीणों की अनदेखी

आधुनिक युग में प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में मोबाईल फोन आया है. मोबाईल यह एक आवश्यक वस्तू बनी है. वहीं प्रत्यक्ष शौचालय होना भी महत्वपूर्ण है. तभी सहीं मायने में सरकार की गांव शौचमुक्त की संकल्पना पूर्ण हो पाएगी. मात्र जिले के अनेक ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक इस ओर अनदेखी कर रहे है. जिससे गांव में स्वच्छता कायम रखने में सरकार व प्रशासन को विफलता मिल रही है.