बाढ़ में 196.12 हेक्टेयर फसल बाधित, प्रशासन ने सरकार के पास भिजवायी रिपोर्ट

    • सर्वेक्षण के अंत 14 लाख से अधिक निधि अपेक्षित

    गड़चिरोली. सिरोंचा परिसर में 5 से 10 सितंबर की कालावधि में हुई अतिवृष्टि के चलते प्राणहिता व गोदावरी नदी तट के सैकडों हेक्टेयर खेत जमीन पानी के निचे आने से अनेक किसानों का नुकसान हुआ था. तहसील प्रशासन द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अंत में इस परिसर के 149 किसानों का 196.12 हेक्टेयर आर क्षेत्र बाधित होकर मुआवजे के लिये 14 लाख 43 हजार 496 रूपयों की निधि अपेक्षित है.

    इस संदर्भ में अंतिम रिपोर्ट तहसील प्रशासन ने सरकार के पास भिजवायी है. ज्ञात हो कि, जिले के आखरी छोर पर बसे तथा तेलंगाना राज्य से सटे सिरोंचा परिसर में 5 से 10 सिंतबर की कालावधि में हुई अतिवृष्टि से प्राणहिता गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़कर नदी किनारे खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया था. जिसमें किसानों का भारी नुकसान हो गया था. इसमें प्रमुखता से धान, कपास और मिर्च फसल का नुकसान हुआ था.

    इन गांवों के किसानों का हुआ नुकसान

    गोदावरी व प्राणहिता नदी में बाढ़ की स्थिति निर्माण होकर नदी किनारे बसे खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया. जिसके कारण सैकडों हेक्टेयर खेती पानी में आ गयी थी. जिनमें गर्कापेठा, ग्लासफोर्डपेठा, भोगापुर, कारसपल्ली, कारसपल्ली माल, सिरोंचा माल, सिरोंचा रै., नगरम, रामकृष्णपुर, चिंतलपल्ली, मद्दीकुंठा, आरड़ा, राजन्नापल्ली, जानमपल्ली, कोत्तापल्ली रै., पोमचपल्ली रै., आईपेठा रै., नडिकुडा, आरडा, चिंरतवेला, अंकिसा माल, गुमलकोंडा रै., सोमनुर माल, मुकडीगट्टा रै., रामानुज गणपति, सुंअरअल्ली आदि गांवों के किसानों का समावेश है. नुकसानग्रस्त क्षेत्र का सर्वेक्षण करने के बाद रिपोर्ट सरकार के पास भिजवाने की जानकारी तहसील प्रशासन ने दी है.

    कपास, मिर्च का सर्वाधिक नुकसान

    तहसील प्रशासन द्वारा नुकसान का किया गया सर्वेक्षण नुसार बाढ़ से सर्वाधिक नुकसान मिर्च और कपास फसल का हुआ है. संबंधित बाढ़ बाधित क्षेत्र में कुल 196.12 हेक्टेयर आर खेत जमीन का प्रत्यक्ष रूप मेंं नुकसान हुआ है. इसमें सर्वाधिक कपास 155.67 हेक्टेयर आर तो मिर्च 30.90 हेक्टेयर आर व धान 9.55 हेक्टेयर आर जमीन के फसल का नुकसान हुआ है. बता दे कि, सिरोंचा तहसील में धान फसल की तुलना में कपास और मिर्च का उत्पादन अधिक लिया जाता है.

    419 किसानों को मिलेगा मुआवजा

    गोदावरी और प्राणहिता नदी तट के सैडकों किसानों का बाढ़ के चलते नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा था. प्रत्यक्ष रूप में प्रशासन ने 33 से 50 फिसदी एकत्रित फसल का पंचनामा किया गया. किए गए सर्वेक्षण के अंत में इस क्षेत्र के करीब 419 किसानों का 196.12 हेक्टेयर आर क्षेत्र के फसल का नुकसान होने की बात सामने आयी. प्रशासन ने संबंधित किसान के नुकसान का पंचनामा कर पेश किए रिपोर्ट नुसार नुकसानग्रस्त किसानों को 14 लाख् 43 हजार 496 रूपये मुआवजा मिलना अपेक्षित है.

    सरकार के पास भिजवायी रिपोर्ट:सय्यद

    सिरोंचा के तहसीलदार एच. एस. सय्यद ने बताया कि, नुकसानग्रस्त किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता मिले, इसलिये तहसील प्रशासन द्वारा नुकसानग्रस्त क्षेत्र का पंचनामा किया गया. इस कार्य के लिये नायब तहसीलदार प्रकाश पुप्पलवार और उनकी टिम ने सर्वेक्षण के कार्य को गति दी. नुकसानग्रस्त खेती की रिपोर्ट तैयार कर रिपोर्ट सरकार के पास भिजवायी है. ऐसी जानकारी उन्होंने दी.