घर में घुसा तेंदुआ, ग्रामीणों में मची हडकंप, तेंदुए को पकडऩे में वनविभाग को मिली सफलता

    धानोरा . धानोरा तहसील अंतर्गत आनेवाले मेटेजांगटा गांव में लावारिश कुत्ते का पिछा करते हुए तेंदूआ एक घर में घुस गया. इस घटना में संपुर्ण गांव में हडकंप मच गया था. बता दे कि, करीब 9 घंटे तक ग्रामीण तेंदूए के दहशत में थे. इस घटना की जानकारी मिलते ही वनविभाग की टीम गांव में पहुंचकर तेंदुए को पकडऩे के बाद ग्रामीणों ने रहात की सांस ली. यह घटना बुधवार को घटी.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात ग्रामीण गहरी नींद में थे. इसी बीच बुधवार को तडके एक लावारिश कुत्ते का पिछा करते हुए तेंदुआ फगु बोगा नामक व्यक्ति के घर में घुस गया. इसी बीच कुत्ते और तेंदुए के बीच शुरू लढ़ाई के चलते एक महिला की नींद खुल गयी. जैसे की महिला घर के बाहर नहीं निकली, वैसी कुत्ता भी उसके पिछे घर से बाहर निकला. लेकिन तेंदुआ घर था. महिला से सतर्कता बरतते हुए दरवाजा बंद कर दिया.

    इस घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की नींद उड़ गयी. गांव के वनमजदूर ने इस घटना की जानकारी वनविभाग के अधिकारियों को दी. जिसके बाद मुख्य वनसंरक्षक डा. किशोर मानकर, उपसवनसंरक्षक कुमारस्वामी के मार्गदर्शन में सहायक वनसंरक्षक सोनल भडके अपनी टिम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.

    करीब 9 घंटों तक प्रयास करने के बाद बुधवार को दोपहर 12 बजे के दौरान तेंदुए को पिंजरे में कैद करने में वनविभाग की टिम को सफलता मिली. इस कार्रवाई में उत्तर धानोरा के वनपरिक्षेत्राधिकारी वी. वी. मेडेवार, क्षेत्र सहायक मोहली, क्षेत्र सहायक रांगी, सहायक सोडे समेत वनविभाग के कर्मचारी उपस्थित थे. तेंदुए को पिंजरे में कैद करने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.

    मार्कंडा में तेंदुए ने ली बालक की जान

    इधर चामोर्शी तहसील के मार्कंडा वनपरिक्षेत्र कार्यालय अंतर्गत आनेवाले जंगल परिसर में तेंदुए ने 17 वर्षिय ुयुवक की जान लेने की घटना बुधवार को शाम के समय घटी. मृतक युवक का नाम चंद्रपुर जिले के भंगाराम (त) गांव निवासी मनोज तिरूपति देवावार है. विशेषत: कुछ दिन पहले तेंदुए ने आष्टी परिसर के पेपरमिली परिसर में एक बालक पर हमला किया था.

    जिसमें वह घायल हुआ था. बता दे कि, मनोज  देवावार यह अपनी मांग और दादाजी के साथ जंगल में बकरिया चराने के लिये गया था. इस दौरान अचानक तेंदुए ने उसपर हमला बोल दिया. जब तक मनोज की मां और दादाजी तेंदुए को खदेडऩे का प्रयास किया, तब तक मनोज की मृत्यु हो गयी. इस घटना से परिसर में दहशत का वातावरण निर्माण हो गया है.