नवभारत इंपैक्ट: अंतत: आंगनवाड़ी को निधि की आपूर्ति

    •  अब मिलेगा अमृत आहार योजना का लाभ 
    •  15 दिनों से थी गर्भवति व स्तनदा माताएं वंचित

    कोरची. सरकार द्वारा कुपोषण का प्रमाण कम करने के लिए अमृत आहार योजना चला रही है. इस माध्यम से जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य रहे इसलिए गर्भवति माता व स्तनदा माताओं को एक समय का पोषक आहार दिया जाता है. मात्र कोरची तहसील के भर्रीटोला व गुटेकसा गांव की लाभार्थियों को निधि के अभाव में विगत 15 दिनों से उक्त योजना का लाभ नहीं मिल रहा था.

    जिससे इस संदर्भ में नवभारत ने समाचार प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यानाकर्षण किया. जिसके चलते प्रशासन जाग उठा. तत्काल संबंधित आंगनवाड़ी को उक्त योजना अंतर्गत निधि आपूर्ति की गई है. अब लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलनेवाला है. 

    सरकार द्वारा राष्ट्रपति भारतनत्न डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अमृत आहार योजना शुरू की है. इस योजना का लाभ ग्रामीण व आदिवासी बहुल क्षेत्र के गर्भवति माता व स्तनदा माता के साथ 6 माह से 6 वर्ष आयु के बच्चे को दिया जाता है. किंतू आदिवासी बहुल व पिछड़े कोरची तहसील के भर्रीटोला व गुरेकसा आंगणवाड़ी केंद्र अंतर्गत आनेवाले लाभार्थियों को निधि के अभाव में विगत 1 पखवाडे से योजना का लाभ नहीं मिल रहा था.

    गुर्रेकसा की 8 व भर्रीटोला की 8 महिलाएं इस लाभ से वंचित थी. इस संदर्भ में शनिवार को नवभारत ने समाचार प्रकाशित कर संबंधित अधिकारी तथा प्रशासन का ध्यानाकर्षण किया. समाचार प्रकाशित होने के पश्चात संबंधित विभाग हड़बड़ाकर जाग उठा. अंतत: संबंधित विभाग ने उक्त आंगनवाड़ी को अमृत आहार योजना के लिए निधि आपूर्ति किया है.

    निधि के मिलने से संबंधित लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है. संबंधित आंगनवाड़ी को निधि की आपूर्ति की गई है. अब वहां के लाभार्थी महिला व बच्चों को उक्त योजना का लाभ मिलेगा ऐसी जानकारी एकात्मिक बाल विकास प्रकल्प अधिकारी मगर ने दी है.