In Maharashtra, 65 people died in just 9 months in wild animal attacks, 23 tigers died in 6 months, the state government said
File Photo

    •  देसाईगंज के बाद अब आरमोरी तहसील में नरभक्षी बाघ का उत्पात 

    गड़चिरोली. जिले के उत्तरी छोर की देसाईगंज तहसील में बिते दिनों बाघ के हमले में 2 लोगों की जान गई थी, अब आरमोरी तहसील में भी नरभक्षी बाघ ने उत्पात मचाना प्रारंभ कर दिया है. आरमोरी शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित अरसोडा गांव में आज शुक्रवार 13 मई को सुबह 7 से 8 बजे के दौरान एक महिला किसान पर बाघ ने हमला कर उसे मौत के घाट उतारा है. मृतक महिला का नाम अरसोडा निवासी नालु बाबुराव जांगले (36) है. बिते एक माह के अंतराल में बाघ के हमले में हुई तिसरी मौत है. जिसके कारण देसाईगंज के साथ ही अब आरमोरी तहसील में भी बाघ की दहशत निर्माण हुई है.

    आरमोरी शहर से अरसोड़ा गांव महज कुछ 1 किमी दूरी पर स्थित है. आज शुक्रवार को सुबह के दौरान महिला किसान नालु जांगले यह अपने ग्रीष्मकालिन फसलों को पानी देने हेतु खेत पर गई थी. इस दौरान खेत में घात लगाकर बैठे बाघ ने उसपर हमला किया. जिसमें उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. खेत के बांध मं उसका शव छिन्नविछिन्न अवस्था में दिखाई दिया. घटना की जानकारी वनविभाग को दी गई. वनविभाग का दल घटनास्थल पर पहुंचकर मामले का पंचनामा किया.

    इस घटना के चलते परिसर में दहशत का माहौल निर्माण हुआ है. बतां दे कि, बिते माह से देसाईगंज तहसील में बाघ की दहशत छायी हुई है. 14 अप्रैल को उसेगांव में महुआफुल संकलित करने गए कुरूड निवासी मधुकर मेश्राम को बाघ ने मौत के घाट उतारा था. इसके 20 दिन बाद उसेगांव जंगल परिसर में चोप कोरेगांव निवासी अजित नाकाडे इस युवक की बाघ ने जान ली.

    अब आरमोरी तहसील के अरसोडा खेत परिसर में बाघ ने महिला किसान की जान ली है. 1 माह के अंतराल में ही बाघ ने 3 लोगों की जान ली है. जिससे देसाईगंज के साथ ही आरमोरी तहसील में बाघ की दहशत निर्माण हुई. नरभक्षी बाघ का तत्काल बंदोबस्त करने की मांग की जा रही है. 

    बाघ ने डाली ग्रामीणों की जीवनी पर वक्रदृष्टि

    गड़चिरोली जिले में रोजगार का अभाव होने के कारण ग्रामीण अंचल के लोग खेतीबाडी के साथ ही वनों पर आधारित रोजगार पर निर्भर है. जिले में अनेक किसानों के खेत जंगलों से सटे है. कुछ जगह सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के कारण किसानों ने ग्रीष्मकालिन धान फसलें बोई है. किंतू जंगलों में वनराज का मुक्त विचरण होने के कारण बाघ ने ग्रामीणों के जीवनयापन पर ही वक्रदृष्टि डालने की बात कहीं जा रही है.

    बतां दे कि, जिले में सालभर का रोजगार देनेवाला तेंदूपत्ता संकलन का कार्य जारी है. अनेक मजदूर इस कार्य में जुटे है. किंतू जंगलों में हिंसक श्वापदों के चलते मजदूरों में दहशत का वातावरण है. वनविभाग भलेही लोगों को जंगल में न जाने की सूचना दे रहा है, किंतू जीवनयापन का आधार ही जंगल होने से मजदूरों की जंगल में जाने की मजबुरी है. 

    नहीं पकड़ में आया बाघ

    देसाईगंज तहसील के उसेगांव जंगल परिसर में 2 लोगों की जान लेनेवाले नरभक्षी बाघ का बंदोबस्त करने की मांग उठ रही थी. इसे लेकर जनआक्रोश भी बढ रहा था. जिसके चलते वनविभाग द्वारा शॉपशुर्टर की टीम को बुलाया.

    शॉपशुर्टर की टिम के साथ वनविभाग के दस्ते ने देसाईगंज तहसील के उक्त जंगल परिसर छान माना. जंगल परिसर में पिंजरे तथा ट्रैप कैमेरे लगाए. किंतू वनविभाग के पकड़ में अबतक बाघ नहीं आया है. इसी बिच आरमोरी तहसील में भी बाघ ने एक महिला को मौत घाट उतारा है. जिससे लोगों में रोष बढने की बात कहीं जा रही है. 

    अन्यथा घेराव करने की चेतावनी

    आरमोरी तहसील के अरसोडा में बाघ ने महिला किसान नालु जांगले पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारा है. नालु जांगले के पति बाबुराव जंगल विगत अनेक दिनों से बिमार चल रहे थे. ऐसे में उनकी पत्नी ही उनका कार्य संभाल रही थी. ऐसे में बाघ के हमले में उसकी मौत होने से जांगले परिसर पर संकटों का पहाड़ टुटा है.

    जिससे बाघ के हमले में मृत हुए नालु जांगले के परिवार को तत्काल वित्तीय मदद कर नरभक्षी बाघ को को पिंजरे में कैद करने की मांग आदिवासी कांग्रेस के जिला सचिव दिलीप घोडाम ने की है. अन्यथा वनपरिक्षेत्र कार्यालय घेराव करने की चेतावनी दी गई है. इस संदर्भ में वडसा के उपवनसंरक्षक को ज्ञापन भेजा गया है. ज्ञापन सौंपते समय शाबिर शेख,  सुनिल कुमरे समेत ग्रामीण उपस्थित थे.