अब ग्रामीण क्षेत्र में गुंजेगी झाडीपट्टी के नाटकों की धून

    • राज्य सरकार ने सांस्कृतिक क्षेत्र को दी हरी झंडी
    • झाडीपट्टी रंगभूमि के कलाकारों के साथ रसिकों में खुशी की लहर 

    गड़चिरोली. भयावह कोरोना महामारी के कारण बंद हुआ नाटकों के मंचन का पर्दा अब खुलनेवाला है. कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के चलते करीब डेढ़ वर्ष के बाद राज्य सरकार ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने को अनुमति दी है. जिससे आगामी 22 अक्टूंबर से जिले में प्रचलित नाटक, तमाशा, दंडार आदि झाडीपट्टी रंगभूमी के कलाकारों की गुंज सुनाई देंगी.

    बतां दे कि, ग्रामीण अंचल में मेला, मंड़ल आदि के उपलक्ष्य में बड़ी मात्रा में नाटकों का मंचन किया जाता है. जिससे मार्च 2021 से बंद हुए नाटकों के मंचन की गुंज अब अक्टूंबर माह के अंतिम सप्ताह से जिले के ग्रामीण क्षेत्र में सुनाई देनेवाली है. सरकार के इस निर्णय से झाड़ीपट्टी रंगभूमि के कलाकारों के साथ ही नाट्य रसीकों में आनंद का वातावरण है. 

    बिते वर्ष मार्च माह में कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के चलते झाडीपट्टी रंगभूमी के कलाकृति दंडार, नाटक, खडीगंमत, तमाशा आदि पर पाबंदी आयी थी. देखते ही देखते कोरोना महामारी के पहले लहर का असर करीब 8 माह से अधिक समय तक चलने के कारण दिपावली से लेकर होली के पर्व तक मंड़ई, मेले के चलते आयोजित होनेवाले मंडई, नाटको की पूर्व तैयारी नहीं हो पायी.

    ऐसे में बिना तैयारी के सिधे 5 नवंबर 2020 इस विश्व रंगभूमि दिवस के पूर्वसंध्या पर नाटकों को अनुमती दी गई. जिससे नाटक का मंचन करनेवाले नाट्य कंपनियों को व्यापक फटका लगा. वहीं दुसरी ओर कोरोना के दहशत के चलते नाटकों की ओर दर्शकों ने भी मुंह फेरा. ऐसे में कुछ ही नाटकों का मंचन हो पाया. कोरोना महामारी के चलते ‘झाडीवुड’ शांत दिखाई दी.

    मौसमी रोजगार डूबने से इस व्यवसाय पर निर्भर अनेक लोगों को भारी परेशानीयां उठाते हुए जीवनयापन करना पड़ा. यह छूटपूट नाटकों का मंचन रहते हुए फिर से मार्च 2021 में कोरोना की दूसरी लहर आयी. और फिर से झाडीपट्टी रंगभूमि इस महामारी के चलते नुकसान की खायी में जाती रही. विगत कुछ दिनों से कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने से राज्य सरकार ने अनेक शिथिलताएं प्रदान की.

    मात्र नाटकों के मंचन पर पाबंदी कायम रखी. जिससे कलाकारों में रोष निर्माण हो रहा था. इस बिच अगस्त माह में क्रांति दिवस पर ‘मी झाडीपट्टी रंगकर्मी’ इस बैनर के निचे देसाईगंज के झाडीपट्टी कलाकारों ने बड़ा आंदोलन किया था. मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया. अंतत: शनिवार को राज्य सरकार ने आगामी 22 अक्टूंबर को नाट्यगृह पर की पाबंदी हटाने की घोषणा की. जिससे अब झाडीपट्टी रंगभूमी पहले जैसी गुंजनेवाली है. जिससे झाडीपट्टी के क्षेत्र में खुशी का माहौल है. 

    निर्णय का स्वागत-वनकर

    इस संदर्भ में देसाईगंज के झाडीपट्टी नाट्य विकास मंड़ल के अध्यक्ष अनिरूद्ध वनकर ने कहां कि, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा लिए गए निर्णय का मै स्वागत करता हु. मुझे और झाड़ीपट्टी के सभी कलाकार तथा नाटकों में जिनका सहभाग है, उन सभी को निशित ही व्यापक आनंद हुआ है. कोरोना कालावधि में झाडीपट्टी रंगभूमि के सभी को काफी परेशानी हुई है. सभी को संघर्ष करना पड़ा. हम कलाकार संघर्ष में भी जीवनयापन करते है. जिससे फिर से नाट्यकलाएं बिखरेंगे, इसमे संदेह नहीं है. रसीकों द्वारा हमे प्रेम मिलेगा, यहीं आंस है. ऐसी बात वनकर ने कहीं.