पुलिस अधिकारी को निलंबित करे, अन्यथा गावबंदी!

    • – पोटेगाव इलाका ग्रामसभा महासंघ के पदाधिकारियों ने दी चेतावनी 

    गड़चिरोली. पोटेगाव पुलिस मदद केंद्र के प्रभारी अधिकारी व उपनिरीक्षक के अवैध कृत्य के कारण पोटेगाव परिसर के नागरिकों में रोष व्यक्त हो रहा है. परिसर के किसी भी व्यक्ती का अपराध नहीं होने के बावजूद मारपिट, गालीगलौच कर अंदर करने की धमकी देनेवाले प्रभारी अधिकारी तथा उपनिरीक्षक पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई करे, अन्यथा पुलिस को गावबंदी करने की चेतावनी इलाका महाग्रामसभा पोटेगांव के पदाधिकारियों ने आज 25 दिसंबर को आयोजित पत्रपरिषद में दी है. 

    पत्रपरिषद में जानकारी देते हुएं ग्रामसभा के पदाधिकारियों ने कहां कि, पोटेगांव पुलिस मदद केंद्र के प्रभारी अधिकारी विनय गोडसे व पुलिस उपनिरीक्षक सचिन उरकुडे के संदर्भ में अनेक शिकायते पुलिस अधिक्षक, जिलाधिकारी कार्यालय को किए गए गए है. किंतू उनर कोई कार्रवाई अबतक नहीं की गई है.

    पोटेगांव इलाका के प्रतिनिधि मंड़ल परंपरागत मनोरंजन का साधन के तौर पर सालोंसाल मुर्गा बाजार आयोजित करते आए है. इस बाजार आयोजित करने संदर्भ में संबंधित पुलिस अधिकारी को पुछने पर उन्होने मुर्गा बाजार के लिए 40 हजार रूपयों की मांग की. इसमें से 20 हजार रूपये उन्हे दिए गए.

    इसके बावजूद 19 दिसंबर को ग्रामसभा इलाका अंतर्गत आनेवाले गव्हालहेटी के मुर्गा बाजार पर पोटेगाव पुलिस मदद केंद्र के प्रभारी अधिकारी विनय गोडसे, उपनिरीक्षक सचिन उरकुडे के नेतृत्व में छापा मारकर अनेक नागरिकों को बेहरमी से पिटाई की गई. पोटेगांव परिसर में खुलेआम शराबबिक्री के साथ ही अन्य अवैध व्यवसाय शुरू है.

    ऐसे में कोई कार्रवाई न करते हुए नागरिकों की पिटाई करनेवाले संबंधित दोनों पुलिस अधिकारी पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने की मांग ग्रामसभा सदस्यों ने की है. पत्रपरिषद में कालीदास कडयामी, संतोष भुले, पांडूरंग उसेंडी, देवाजी गोटा, मंगळू नरोटे, मोतीराम उसेंडी, चरनदास पोटावी, रामदास परसा, मालताबाई मडावी, कांता मडावी आदींसह पोटेगाव ग्रामसभा इलाक्यातील पोटेगाव, गिलगाव, पाविमुरांडा के ग्रामीण उपस्थित थे. 

    कानुनन कार्रवाई, आरोप बेबुनियादी 

    गव्हालहेटी में मुर्गा बाजार आयोजित करने की जानकारी प्राप्त होते ही 19 दिसंबर को पुलिस दस्ते के साथ घटनास्थल पर छापा मारा गया. इसमें मुर्गो के साथ साहित्य जब्त किए गए. वहीं मुर्गा बाजार के लिए पैसों की मांग करने का आरोप बेबुनियादी है. उक्त कार्रवाई कानुनन की गई है. 

    सचिन उरकुडे

    पुलिस उपनिरीक्षक