ग्रापं चुनाव पूरी तरह शराबमुक्त रखे  – जिला शराबमुक्त संगठन का आह्वान

गड़चिरोली: ग्रामपंचायत के सदस्य व सरपंच शराब न पीनेवाले हो. उसके लिए उन्हें चुनकर देनेवाले मतदाता नशे में न हो. इसलिए आनेवाला ग्रामपंचायत चुनाव पूरी तरह शराबमुक्त रखने का आह्वान जिला शराबमुक्ती संगठन द्वारा अध्यक्ष डा. अभय बंग ने किया है.

गडचिरोली जिले में सरकारी शराबबंदी है. जिससे गाव गाव की महिलाए व मुक्तीपथ संगठना अपने गाव शराबमुक्त कर रहे है. 1 हजार गाव से शराबबंदी के समर्थन के ज्ञापन सरकार की ओर गए है. ऐसे जागृत जिले में ग्रामपंचायत का कामकाज अच्छा चलने के लिए सरपंच व सदस्य शराब न पीनेवाला आवश्यक है.

जिससे ‘शराबमुक्त ग्रामपंचायत चुनाव’ यह अभियान शुरू किया जा रहा है. इस अभियान द्वारा मुक्तीपथ की ओर से सभी गाव में सभा लेकर गाव का प्रस्ताव लिया जाएगा. तथा चुनाव के पॅनेल व उम्मीदवारों की ओर से शराब न पीने का वचननामा लिखकर लिया जाएगा. वचन न देनेवाले उम्मीदवारों को वोट नहीं दिया जाएगा. इसके पूर्व लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान सभी दलों के उम्मीदवारों ने वचननामे दिए थे. 

‘शराबमुक्त ग्रामपंचायत चुनाव’ अभियान

ग्रामपंचायत चुनाव के दौरान गाव गाव में शराब पीनेवाले, पिलानेवाले चुनकर आने का प्रयास करेंगे. शराबी सरपंच यानी गाव का नुकसान. चुनाव शराबमुक्त व ग्रामपंचायत शराबमुक्त. जिससे गाव गाव के महिलाए, मुक्तीपथ, गाव संगठना व जागृत नागरिकों ने ‘शराबमुक्त ग्रामपंचायत चुनाव’ यह अभियान चलाए. गाव शराबमुक्त करने का उचित अवसर मतदाताओं को व महिलाओं को है.

‘जो पिएगा शराब, जो पिलाएगा शराब उस उम्मीदवार को गिराएंगे’ ऐसी घोषणा सभी दे व ग्रामपंचायत शराबमुक्त करे, ऐसा आह्वान जिला शराबमुक्ती संगठन के अध्यक्ष डा. अभय बंग, उपाध्यक्ष देवाजी तोफा, सल्लागार डा. प्रकाश आमटे, हिरामण वरखेडे, डा. राणी बंग, कार्यकारिणी सदस्य शुभदा देशमुख (कुरखेडा), डा. सूर्यप्रकाश गभने (वडसा), डा. शिवनाथ कुंभारे, विलास निंबोरकर (गडचिरोली), देवाजी पदा (धानोरा), डा. मयूर गुप्ता व संतोष सावलकर (मुक्तीपथ) ने किया है. 

अभियान सफल होगा : डा. बंग

हर तहसील से दो प्रतिनधी व प्रत्येक गाव में मुक्तीपथ गाव संगठन ऐसे मिलकर ‘जिला शराबमुक्ती संगठना’ है. संगठन का यह अभियान जिले के 1000 गावों का व एक लाख मतदाताओं का आवाज होने से व हमखास सफल होगा व ग्रामपंचायत शराबमुक्त होगा, ऐसा बिश्वास संगठन द्वारा डा. अभय बंग ने व्यक्त किया है.