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    • जेप्रा गांव का किसान मृत

    गड़चिरोली. गडचिरोली तहसील में बिते कुछ दिनों से बाघ ने एक के बाद एक नागरिकों को अपना शिकार बनाने से बाघ की दहशत कायम है. आज 11 सितंबर को पोर्ला को वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले जेप्रा के एक किसान पर बाघ ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. मृतक किसान का नाम गणपत भांडेकर (50) है.

    बिते एक माह के अंतराल में बाघ ने 5 लोगों को मौत के घाट उतारा है, वहीं सालभर में वह बाघ का 14 वां शिकार बना है. बाघ की दहशत के चलते परिसर के ग्रामीण अपनी जान हथेली पर लेकर जीवनयापन करते नजर आ रहे है. किंतू वनविभाग ने अबतक बाघ का बंदोबस्त न करने से नागरिकों का आक्रोश बढ़ रहा है.

    गड़चिरोली जिला मुख्यालय से 9 किमी दूरी पर स्थित जेप्रा निवासी किसान गणपत भांडेकर यह हमेशा की तरह आज शनिवार को बैल व भैसों को चराने खेतों की ओर गया था. इस दौरान खेत समिपस्य जंगल में घाल लगाकर बैठे बाघ ने दोपहर 12 बजे के करीब उसपर हमला किया. इस हमले में उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

    घटना की जानकारी वनविभाग को दी गई. वनविभाग के दस्ते ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले का पंचनामा किया. बिते 1 माह के अंतराल में इस परिसर के 5 नागरिकों को बाघ ने निवाला बनाया है. वहीं सालभर में 14 लोगों की जान बाघ ने ली है. निरंतर बाघ के हमले होकर नागरिकों की जाने जा रही है. किंतू वनविभाग की कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है. जिससे ग्रामीणों में आक्रोश निर्माण हो रहा है.

    वनविभाग की उपाययोजना जारी

    गड़चिरोली तहसील के चुरचुरा, कुराडी, महादवाडी, गोगांव, आंबेशिवनी, अमिर्झा, धुंडेशिवनी, रयतवारी, जेप्रा, दिभना आदि गांव परिसर में विगत कुछ दिनों से बाघ की दहशत है. आदमखोर बाघ ने मवेशियों के साथ ही नागरिकों पर हमले कर उसे मौत के घाट उतारा हे. जिस कारण बिते दिनों ग्रामीणों द्वारा आंदोलन किया गया था.

    जिससे वनविभाग ने बाघ का बदोबस्त करने का अश्वासन दिया था. जिसके तहत वनविभाग जंगल परिसर में बाघ को पकड़ने हेतु पिंजरे लगाने के साथ ही अन्य उपाययोजना में जुटा है. किंतू अबतक बाघ वनविभाग के पिंजरे में नहीं आया है. उल्टे बाघों के हमले में बेगुनाह ग्रामीणों की जाने जा रही है. जिससे ग्रामीणों में रोष है. यथाशिघ्र बाघ का बंदबस्त करने की मांग हो रही है.

    14 को ढोल बजाओ आंदोलन

    गड़चिरोली तहसील के पोर्ला वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले 18 गांवों में विगत कुछ दिनों से बाघ ने आतंक मचाया है. बाघ के हमले में अबतक 14 लोगो ने जाने गंवाई है. अनेक मवेशियों की मृत्यू हुई है. निरंतर बाघ की दहशत कायम है. मात्र वनविभाग उक्त बाघ का बंदोबस्त करेन में विफल साबित हो रहा है.

    जिससे इस परिसर के ग्रामीणों में रोष व्यक्त हो रहा है. जिससे वनविभाग के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलन, भारतीय जनसंसद, सर्वदलीय तथा संबंधित गांवों के ग्राम पंचायत पदाधिकारियों के साथ ग्रामीण मंगलवार 14 सितंबर को दोपहर 12.30 बजे इंदिरा गांधी चौक से मुख्य वनसंरक्षक कार्यालय पर ढ़ोल बजाओ मोर्चा निकाला जानेवाला है.