बेमौसम बरसात, धान फसलों बर्बाद; हजारों हेक्टेयर फसले पानी में समाई

    •  उत्पादन पर विपरित परिणाम होने से किसान संकट में 

    गड़चिरोली.  इस वर्ष रब्बी के सीजन में धान फसलों को शुरूआत से ही अस्मानी, सुलतानी संकटों की मार लगी है. बिते एक सप्ताह से बेमौसम बारिश ने धान फसलों को क्षति पहुंची है. इसी दौरान बुधवार को रात के दौरान तुफानी हवाओं के साथ हुई जोरदार बेमौसम बरसात के चलते देसाइगंज तहसील के विसोरा परिसर की फसलें तबाह हुई है. धान फसल पानी के निचे आने के कारण फसलों का व्यापक नुकसान हुआ है. इसका उत्पादन का विपरित परिणाम होने से किसान चिंता में डूबा नजर आ रहा है. 

    रब्बी धान फसलों को बेमौसम बारिश का व्यापक फटका लगा है. इस वर्ष मार्च महिने तक धान फसलों के रोपाई का कार्य चला. महज 8 घंटे ही अनियमित बिजली आपूर्ति ने किसानों को रूलाया. ऐसे में धूपकालिन फसल ले या न ले इस असमंजस में फंसे किसान ने व्यापक हिम्मत जुटाकर धान फसलों की बुआई की. दिनरात मेहनत, मशक्कत कर रोपाई कार्य निपटाया. किंतू धान फसले अंकुरीत होकर कटाई योग्य होने से 8 घंटे बिजली आपूर्ति के भंवर में किसान फंसा रहा. जिसमें किसानों को व्यापक परेशानियों का सामना करना पड़.

    अब धान फसल विभिन्न चरण में हे. कहीं अंकुरीत हो रही है, तो कहीं अंकुरण पूर्ण हुआ है. कहीं कटाई हुई, तो कहीं कटाई व कुटाई के कार्य जारी है. ऐसे में बुधवार को रात करीब 9.45 बजे से तुफानी हवाएं, बिजली के कड़कड़ाहट के साथ मुसलाधार बारिश बरसी. तुफानी हवाओं के कारण खड़ी फसले जमिन में झुक गई. मुसलाधार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हुआ. जिससे फसले पानी के निचे गई है. बांधों में जमा हुआ पानी निकालने हेतु किसान मशक्कत करता नजर आया. देसाईगंज तहसील के विसोरा परिसर की हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने धान फसलों की बुआई की थी. किंतू बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है. 

    धान के गुणवत्ता पर दिखेगा असर 

    कटाई योग्य होनेवाली धान फसल तुफानी हवाओं के कारण जमीन में झुक गए है. धान फसल पानी में डूबने के कारण धान का व्यापक नुकसान हुआ है. 4 दिन के अंतराल में 2 बार फसले भिगने के कारण धान के गुणवत्ता पर असर होने की बात कहीं जा रही है. आगे इसके दाम पर भी प्रतिकूल परिणाम होने का अनुमान लगाया जा रहा है.