विवि के विकास के लिये प्रति वर्ष निधि देंगे, कैबिनेट मंत्री विजय वडेट्टीवार की घोषणा

    गड़चिरोली. गोंडवाना विवि के दशमानोत्सव कार्यक्रम के दुसरे की शुरूआत कैबिनेट मंत्री विजय वडेट्टीवार और अभिनेता नितिश भारद्वाज के हाथों दिप प्रज्वलन कर की गई. इस समय अपने मार्गदर्शन में मंत्री वडेट्टीवार ने कहां कि, गड़चिरोली के गोंडवाना विवि के विकास के लिये प्रति वर्ष 25 करोड़ की निधि उपलब्ध हो, इसलिये नियोजन किया जाएगा.

    विवि शाश्वत निधि से विकास सहजता से कर पाएगी. ऐसी बात उन्होंने कही. मंच पर विवि के कुलगुरू श्रीनिवास वरखेड़ी, महाराष्ट, राज्य प्रकल्प संचालक, राष्ट्रिय उच्चस्तर शिक्षा अभियान के डा. निपुन विनायक, नागपुर के ज्ञान फाऊंडेशन के संस्था अध्यक्ष अजिक्य कोत्तावार, पुणे विद्यापीठ के डा. राजेंद्र कुमार, जिप सदस्य एड. राम मेश्राम, पूर्व विधायक डा. नामदेव उसेंडी, प्र-कुलगुरू डा. श्रीराम कावले, कुलसचिव डा. अनिल चिताड़े, विज्ञान व तंत्रज्ञान विभाग के अधिष्ठाता डा. सुरेश रेवतकर, व्यवस्थापन परिषद व अधिसभा के सदस्य प्राचार्य राजुभाऊ मुनघाटे और रूसा के कन्सल्टंट डा. प्रमोद प्राभदेवकर आदि मान्यवर उपस्थित थे.

     अपने मार्गदर्शन में मंत्री वडेट्टीवार ने विवि को शुभकामनाएं देते हुए कहां कि, 10 वर्ष पहले गोंडवाना विवि एक छोटा पौधा था. अब वह बरगत के पेड़ में बदलने की बात उन्होंने कही. सबसे पिछडे, दुर्गम और नक्सल प्रभावित गड़चिरोली जिले में उच्च शिक्षा का अवसर निर्माण हो रहा है. यहां पर उच्च शिक्षा की सुविधा हो, इसलिये जिन्होंने सहयोग दिया, उन सभी का आभार व्यक्त करने की बात उन्होंने कही.

    गड़चिरोली और चंद्रपुर जिले के छात्रों की गुणवत्ता अच्छी होकर छात्रों को उनकी चाह नुसार क्षेत्र चयन करने का अवसर देने की सूचना उन्होंने विवि को दी. इसके अलावा आगामी कालावधि में 10 हजार छात्राओं को साईकिल वितरित किए जाएंगे. साथ ही 300 गांवों को शुध्द पानी देने के लिये आरओ प्लांट तैयार किया जाएगा. जिले में शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधा बडे पैमाने पर उपलब्ध कर लोगों का जीवनस्तर सुधारने में मदद हो, इसलिये सभी को मिलकर काम करने का आहवान  उन्होंने किया.

    गोंडवाना विवि एक ब्रैन्ड बनना चाहिए:कुलगुरू

    विवि के कुलगुरू श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहां कि, यहां के युवा काफी सकारात्मक होकर विवि के माध्यम से उन्हें अन्यों की तुलना में अलग करने का अवसर दिया जा रहा है. जिससे रोजगार का मौका उपलब्ध होने में मदद होगी. गोंडवाना विवि के अन्य के साथ स्पर्धा नहीं करनी है, बल्कि गोंडवाना विवि एक ब्रैन्ड बनना चाहिए. इस विवि से छात्रों को कौशल्य प्रदान हो,जिससे छात्र कुछ नया कर पाएंगे. इस संदर्भ में नियोजन करने में शुरूआत किए जाने की बात उन्होंने कही.

    स्थानीय वैशिष्ट जोडऱ विवि का विकास करें: डा. निपुन विनायक

    डा. निपुन विनायक ने कहां कि, अपने आदिवासी क्षेत्र की ताकद पहचान कर शैक्षणिक तथा क्रिड़ा क्षेत्र में छात्रों को अवसर दे. शैक्षणिक तथ क्रिड़ा क्षेत्र में अधिक अवसर होकर यहां के छात्रों की गुणवत्ता ताकद पहचान कर उन्हेंं साथ लेकर आगे बढऩा चाहिये. किसी भी विद्यापीठ से तुलना न करते हुए आदिवासी क्षेत्र में आवश्यक व जरूरत स्थानीय व्यवसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की बात उन्होंने कही.

    संस्कृति, प्रकृती, निसर्ग जंगल क्षेत्र में होता है: नितिन भारद्वाज

    महाभारत में श्रीकृष्ण की भुमिका अदा करनेवाले अभिनेता नितिन भारद्वाज ने अपने मार्गदर्शन में कहां कि, गोंडवाना विवि का विजन बड़ा होकर यहां से ही संस्कृति दिखाई देती है. वनवासी क्षेत्र में उत्साह अधिक होता है. उत्साह यह क्रिड़ा व शिक्षा के लिये उपयोगी होता है. जिससे गोंडवाना विवि के माध्यम से छात्रों का विकास होना चाहिए.

    लोगों को पहले पेटेंट क्या है पता नहीं था. अपने संपदा की जानकारी हमे ही नहीं थी. जिससे दुसरे देश हमारे संपदा का अपने नाम पर पेटेंट कर लेते थे. अब लोग जागृत होकर पेटेंट क्या होता है, यह समजने लगे है. गोंडवाना यह संस्कृति काफी पुरानी होकर जीतनी संस्कृति पुरानी है, उससे अधिक ज्ञान है. ऐसी बात उन्होंने कही.