Ration shopkeepers waiting for grain, beneficiaries circling the shop
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गड़चिरोली: सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत गडचिरोली शहर समेत जिलेभर के सस्ते अनाज दुकान से राशन कार्ड धारकों को मांग न होने के बावजूद भी मक्का वितरण किया जा रहा है. सरकार, प्रशासन के इस प्रकार से राशन कार्ड धारकों में नाराजी व्यक्त की जा रही है.

गडचिरोली जिले में राशन कार्डधारकों की संख्या बडी है.  अंत्योदय, अन्न सुरक्षा (पिला कार्ड), अन्न सुरक्षा (केशरी कार्ड), एपीएल व सफेद कार्ड आदी पाच राशन कार्ड के प्रकार है. इन पाच कार्ड में से एपीएल व सफेद कार्ड धारकों को सस्ता अनाज दुकान से किसी भी तरह का अनाज नहीं मिलता है. अंत्योदय योजना में रहनेवाले राशन कार्ड धारकों को प्रती कार्ड 35 किलो अनाज वितरित किया जाता है. जिसमें पहले 10 किलो गेहू व 25 किलो चावल दिया जाता था. मात्र मक्के की आपूर्ति शुरू होने पर पाच किलो गेहू, पाच किलो मक्का व 25 किलो चावल दिया जा रहा है.

अन्न सुरक्षा योजना के राशन कार्ड धारकों को प्रती व्यक्ती 3 किलो चावल व दो किलो गेहू दिया जाता था. मात्र मक्के की आपूर्ति शुरू होने से गेहू का परिणाम कम किया गया है. चावल का परिणाम कायम रखा गया होकर दो किलो गेहू के अलावा प्रती व्यक्ती एक किलो मक्का व एक किलो गेहू दिया जा रहा है. सस्ते अनाज दुकान से मक्का दिया जाए, ऐसी मांग जिले के एक भी राशन कार्ड धारकों ने नहीं की. फिर भी जबरदस्ती से राशन कार्ड धारकों को प्रती किलो 1 रूपए की तरह मक्का दिया जा रहा है.

नवंबर व दिसंबर माह में काफी राशन कार्ड धारकों को मक्का नहीं मिला, ऐसी शिकायत है. मक्के की आपूर्ति न होने के बावजूद भी गेहू का परिणाम कम करने से राशन कार्ड धारकों में प्रशासन के इस निती के प्रती भारी नाराजी दिख रही है. जानवर व मुर्गीओं के खाद्य के रूप में सस्ते अनाज दुकान के इस मक्के का उपयोग कई लोग कर रहे है. 

10 रूपए किलो की तरह मक्के की बिक्री

सस्ते अनाज दुकान से प्रती किलो 1 रूपए की तरह मक्का मिलने पर भी इस मक्के का उपयोग अधिकांश राशन कार्ड धारक खाने के लिए नहीं करते है. आरमोरी व गडचिरोली तहसील समेत शहरी क्षेत्र के बाजारपेठ में सस्ते अनाज दुकान का यह मक्का राशन कार्डधारक 10 रूपए किलो की तरह बेचने का दिखाई दे रहा है. जानवरों का खाद्य के रूप में इस मक्के का उपयोग किया जा रहा है.

सस्ते अनाज दुकान से मिलनेवाला मक्का व चावल लेने के लिए अनेक व्यापारी गाव गाव में घुमते है. राशन कार्डधारक इन व्यापारियों को मक्का 10 रूपए तथा चावल 22-25 रूपए किलो की तरह बेचते है. अनेक गाव के किराणा दुकानदार भी अब राशन कार्ड धारकों से मक्का व चावल की खरीदी करने लगे है.