Elephants damage paddy and chilli crops in Palasgad

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कुरखेड़ा. दो वर्ष पूर्व ओडिशा राज्य से गड़चिरोली जिले में दाखिल हुए जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 11 दिनों से कुरखेड़ा तहसील के विभिन्न वनक्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के झुंड ने मंगलवार की रात कुरखेड़ा वन परिक्षेत्र के ग्राम पलसगड़ के खेत परिसर में प्रवेश किया. जहां हाथियों ने एक खेत में कुटाई कर रखे हुए धान के ढेर को तहस-नहस कर दिया.

वहीं धान फसल की कटाई कर सूखने के लिए रखे गए ढेर, मिर्ची व फली की फसल समेत खेत में बनी झोपड़ी को भी फिर एक बार जंगली हाथियों ने नुकसान पहुंचाया. इस नुकसान से गांव के 11 किसानों को वित्तीय संकटों का सामना करना पड़ेगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात मौशी गांव के खेत परिसर में जंगली हाथियों ने उत्पात मचाया था.

पिछले 11 दिनों से जंगली हाथियों का झुंड कुरखेड़ा तहसील के क्षेत्र में विचरण कर रहा है. पलसगड़ गांव के किसानों के खेत में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है. पलसगड़ के 11 किसानों का काफी नुकसान हुआ है. जिसमें कलीराम दर्रो, बाबुराव तुलावी, डाकराम कसारे, रविंद्र कोडाप, शेवंता नैताम, जंगन मडावी, सायत्रा तुलावी, भोजराज कसारे, शांता पुराम का समावेश है. नुकसानग्रस्त किसानों ने तत्काल नुकसान भरपाई देने की मांग वनविभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से की है.

नुकसानग्रस्त क्षेत्र का पंचनामा वनपरिक्षेत्र अधिकारी मनीषा कूंभलकर, क्षेत्र सहाय्यक एस.एल.शेंडे, वनरक्षक के.के.काशीवार ने किया. वनविभाग की ओर से जंगली हाथियों के उत्पात को रोकने का पूरजोर प्रयास किया जा रहा है. लेकिन जंगली हाथियों द्वारा निरंतर उत्पात मचाया जा रहा है. हाथियों के उत्पात को रोकने के लिए हुल्ला टीम भी प्रयास कर रही है.