अल्प अनुदान में  ग्रंथालय संचालक कर रहे मशक्कत – ग्रंथालय के अनुदान में वृद्धी करने की मांग

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आरमोरी: तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्तर पर से संबंधित विभाग द्वारा जनसंख्या के प्रमाणपत्र के साथ सरकार के शर्तो के अधीन रहकर पंजिकृत ग्रंथालय का कामकाज विगत अनेक वर्षो से शुरू है. मात्र अनेक वर्षो से ग्रंथालय को दिए जानेवाले अनुदान में वृद्धी नहीं किए जाने से ग्रंथालय संचालकों को वित्तीय संकटों का सामना करना पड रहा है. अल्प मानधन में ग्रंथालय चलाना दिक्कतोंभरा साबित हो रहा है. संबंधित विभाग ग्रंथालय के अनुदान में वृद्धी करे, ऐसी मांग हो रही है. 

ग्रंथ में व्यापक ज्ञान छूपा होता है. इसका लाभ अनेक लोगों को होता है. ग्रंथालय का सभासदत्व स्विकारकर अनेक पद्धती के किताबों का पथ्न कर अपने  ज्ञान में वृद्धी करते है. वहीं स्पर्धा परीक्षा की तैयारी आदि की सुविधा देने के लिए ग्रंथालय निरंतर विद्यार्थी, पाठक वर्गो को सेवा दे रहे है. बदलते महंगाई के सयम में ग्रंथालय को दिए जोनवाले अनुदान में विगत अनेक वर्षो से वृद्धी नहीं होने से ग्रंथालय में ग्रंथालय में नावीन्यपूर्ण सेवा देने में ग्रंथालय संचालकों को व्यापक दिक्कतों का सामना करना पडता है.

ग्रंथालय के श्रेणी पर ही अनुदान प्राप्त होता है. मात्र दिया जानेवाला अनुदान यह वर्ष के बाद मिलने से कर्मचारियों का मानधन, इमारत किराया, पेपर बिल, नए ग्रंथ खरीदी के साथ ही समय पर निर्माण होनेवाली समस्याएं हल करने के लिए ग्रंथालय संचालकों को व्यापक मशक्कत करनी पड रही है. दिए जानेवाले अनुदान में वृद्धी कर वर्ष के अंत में दिया जानेवाला अनुदान वर्ष के शुरूआत में दिया जाए तो ग्रंथालय की समस्याएं हल करना सुविधाजनक होगा. 

‘वह’ नियम रद्द करे

सरकारी स्तर पर से संबंधित विभाग द्वारा ग्रंथालय संचालक ने ग्रामीण क्षेत्र में पठन की इच्छा निर्माण होने के लिए ग्रंथालय शुरू किए है. मात्र हाल ही में संबंधित विभाग ने ग्रंथालयों को स्थानीय संचालक होना बंधनकारक किया है. जिससे अनेक ग्रंथालयों को अनुदान देने का टाला जा रहा है. बतां दे कि, उक्त नियम उस कालावधि में नहीं होने के कारण शहर के अनेक युवक एकजुट होकर ग्रामीण क्षेत्र में नियमों के तहत ग्रंथालय शुरू किए. मात्र हाल ही में ग्रंथालय को स्थानीय संचालक हो, यह निमय लागू करने से उक्त आदेश रद्द करने की मांग हो रही है. 

ग्रंथालय कर्मचारियों को वेतनश्रेणी लागू करे 

ग्रंथालय के श्रेणी के अनुसार अनुदान में वृद्धी हो रही है. मात्र कर्मचारियों के पदभर्ती में वृद्धी नहीं हुई है. जिससे उक्त ग्रंथालय के बढाएं गए श्रेणी के अनुसार पदभर्ती के आदेश देकर कर्मचारियों को सेवा में कायम करने के साथ उन्हे वेतनश्रेणी लागू कर सरकारी सेवा का लाभ दे, ऐसी मांग शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के ग्रंथालय चालक संगठना ने की है.