File Photo
File Photo

    गोंदिया.  जिले में मंगलवार को अचानक हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के साथ साथ गोठे व जानवरों का नुकसान हुआ है. जिला प्रशासन के माध्यम से 17 गांवों में 3 लाख 44 हजार रु. के नुकसान के पंचनामे किए गए है. इसमे तिरोड़ा तहसील अंतर्गत 7 गांवों में 2 गोठे अंशत, 6 मवेशी, 4 घरों का अंशत इस तरह 1 लाख 36 हजार रु. का नुकसान, गोरेगांव तहसील के 8 गांवों में 6 गोठे अंशत, 9 घरों का अंशत इस तरह 1 लाख 86 हजार रु. का नुकसान हो गया.

    इसी तरह आमगांव तहसील के 2 गांवों में 4 घरों का अंशत नुकसान दर्ज किया गया है. इसमें 22 हजार रु. की क्षति हुई है. इस तरह 17 गांवों में कुल 3 लाख 44 हजार रु. का नुकसान हुआ है. यह जानकारी निवासी उपजिलाधीश जयराम देशपांडे ने दी है.

    जिले में 5 दिन बना रहेगा बदरीला मौसम

    जिले में मंगलवार को बेमौसम बारिश ने हाजरी लगाई है. वहीं बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओले गिरे है. जिले में 5 दिन याने 2 जनवरी तक मौसम का यही हाल बना रहेगा. इस बीच बिजली की गर्जना के साथ बारिश व ओलावृष्टि होने की संभावना मौसम विभाग ने व्यक्त की है. जिले में फिलहाल चना, लखोरी, तुअर व अलसी यह फसल बढने की स्थिति  में है.

    जिन स्थानों पर अन्य खरीफ फसल निकाली गई है उस फसल को निकालने  के बाद सुरक्षित स्थान पर रखें. जिससे उसका बेमौसम बारिश से नुकसान नहीं होगा. इसी तरह जिन स्थानों पर खरीफ में कम उत्पादित हुआ धान खुले में होगा तो उसकी बारिश में भीगने की संभावना है. जिससे तत्काल ताड़पत्री की व्यवस्था   करें. ऐसा आहृवान  जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ने किया है.

    किसान फसल नुकसान की पूर्व सूचना बीमा कंपनी को दें

    रबी मौसम 2021 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना राज्य में  क्रियान्वित की जा रही है. इस योजना में शामिल किसानों को नैसर्गिक आपत्ती या जोखिम अंतर्गत ओलावृष्टि, भूस्खलन, बीमा संरक्षित क्षेत्र जलमग्न होने, बिजली गिरने से लगने वाली नैसर्गिक आग या आपत्ती से नुकसान होने पर बीमा संरक्षण पर बीमा संरक्षण प्राप्त होता है.

    जिले की देवरी, तिरोड़ा, सड़क अर्जुनी व अर्जुनी मोरगांव इन तहसीलों के 21 राजस्व मंडलों में चना फसल के लिए सूचना जारी की गई है. दिसंबर माह में राज्य के कुछ क्षेत्र में अतिवृष्टि से तथा बाढ़ सदृश्य परिस्थिति निर्माण होने से खेती फसल का नुकसान ध्यान में आ रहा है. फसल बीमा संरक्षण लेने वाले किसानों का नुकसान होने पर नुकसान का मुआवजा हासिल करने के लिए किसानों को फसल नुकसान की पूर्व सूचना खेती फसल के नुकसान होने से 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को देना आवश्यक है.

    नैसर्गिक आपत्ती इस जोखिम अंतर्गत बीमा संरक्षण लेने वाले किसानों ने सर्वे नंबर अनुसार प्रभावित फसल व क्षेत्र की घटना घटने से 72 घंटे के अंदर क्रॉप इंश्योरेंस एप या संबंधित बीमा कंपनी के टोल फ्री क्र., बैंक, कृषि या राजस्व विभाग को सूचित करना चाहिए. इसमें नुकसान की जानकरी देते समय  सर्वे नंबर व नुकसानग्रस्त क्षेत्र का विवरण देना अनिवार्य  है. 

    जिले में 38.8 मिमी. बारिश

    जिले में अचानक बेमौसम बारिश ने ठंड बढ़ा दी है. पिछले दो दिनों से सूर्यनारायण के दर्शन नहीं हो रहे हैं. आसमान में बादल छाए हुए है. जिससे पुर्व ही जो शीत लहर थी उसमें  और ठंड बढने  से मुश्किलें बढ़ गई हैं. जिला प्रशासन के माध्यम से जिले की सभी 8 तहसीलों में 38.8 मिमी.बारिश दर्ज की गई है. इसमें गोंदिया तहसील अंतर्गत 22.8, आमगांव 32.6, तिरोड़ा 54.1, गोरेगांव 50.2, सालेकसा 33.9, देवरी 42.3, अर्जुनी मोरगांव 52.3 व सड़क अर्जुनी तहसील में 29.1 मिमी. बारिश का समावेश है.

    बारिश के साथ गिरे ओले

    अर्जुनी मोरगांव तहसील में 29 दिसंबर को दोपहर 3 बजे से भरपुर बारिश हुई. लगातार हो रही बारिश से अनेक जगह पर फसलों का नुकसान भी हुआ है. शाम 5 बजे तहसील के ग्राम केशोरी, इटखेडा, महागांव व खामखुरा में बारिश व तूफान के साथ बेर तथा आवले के आकार के ओले भी गिरे जिससे चना, लखोरी व तुअर की फसल का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. बारिश के साथ   हवा तूफान से कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने की भी जानकारी मिली है. कुछ कच्चे मकान भी गिरे है. देर शाम तक  बारिश होने से जान माल की हानि का भी पता नहीं चला है. लेकिन रबी फसल व सब्जियों का भारी नुकसान हुआ है.

    हवा तूफान व बारिश से तुअर फसल बर्बाद

    तिरोड़ा तहसील में अचानक आए हवा तूफान, बारिश व ओलावृष्टी होने से तुअर फसल का भारी पैमाने पर नुकसान हो गया है. इसी तरह ग्रामीणों के कवेलू वाले घरों को क्षति पहुंची है. 28 दिसंबर को शाम 7 से 9 बजे तक जोरदार बारिश हुई. जिससे किसानों के खेत में पानी जमा हो गया है. इतना ही नही नाले व बोड़ियों से पानी बहने लगा. इस क्षेत्र में तुअर फसल के साथ सब्जीभाजी फसल का भी नुकसान हो गया है. जबकि इस बेमौसम बारिश से गेहूं, चना, लखोरी, अलसी, सरसों जैसी फसल को लाभ मिला है. इस क्षेत्र के किसानों ने शासन से फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है.