64 करोड़ के रेलवे उड़ान पुल का प्रस्ताव लटका, सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग के अहवाल की अनदेखी

    गोंदिया. जिला मुख्यालय में पुराना जीर्ण  उड़ान पुल तोड़कर वहां  नया उड़ान पुल तैयार किया जाएगा. इसके लिए सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग ने   64 करोड़ रु. का प्रस्ताव व ब्यौरा शासन को भेजा है. लेकिन उसे अब तक शासन ने हरी झंडी नहीं दी है. जिससे नए उड़ान पुल का प्रस्ताव शासन के समक्ष लंबित है. रेल प्रशासन ने शहर को दो भागों में जोडने वाला पुराना उड़ान पुल खतरादायक है. जिससे वह कभी भी ढह सकता है और उससे  बड़ी जनहानि होने की प्रबल संभावना है.

    ऐसा अहवाल दिया है. इतना ही नहीं इस पुल से सभी तरह का यातायात पुर्ण बंद किया जाए ऐसी सूचना समय समय पर सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग व जिला प्रशासन को दी है लेकिन उस पुल पर यातायात बंद करने पर शहर की यातायात व्यवस्था पर असर पडेगा इसके अलावा नया उड़ान पुल भी त्रुटी पूर्ण   होने से जिला प्रशासन ने पुराने उड़ान पुल से भारी वाहनों का यातायात बंद किया है.

    इसके बाद भी चौपहिया वाहन दौड़ रहे थे. इस पर रेलवे प्रशासन ने हस्तक्षेप किया था. जिससे चौपहिया वाहनों का यातायात भी बंद किया गया. रेल विभाग की मांग को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन ने ऊंचाई व चौड़ाई वाले वाहनों के आवागमन बंद करने पुल के दोनों छोर पर बेरिकेट्स लगा दिए हैं. इसके बाद भी छोटे चौपहिया वालक वाहन निकालने का प्रयास करते हैं.

    इस पुल से केवल दुपहिया वाहनों का यातायात शुरू है. सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग व रेल विभाग के विशेषज्ञों ने इस पुल का स्ट्रक्चर ऑडिट किया है. जिसमें पुल यातायात के लिए योग्य नहीं होने का अहवाल दिया है. गोंदिया-बालाघाट मार्ग पर बना पुराना जीर्ण हो गया उड़ान पुल रेल विभाग तोडने वाला है. इस पुल के दोनों ओर के नागरिकों को परेशानी होने की संभावना को ध्यान में रखकर इससे भारी वाहनों का यातायात पुर्णत: बंद किया था.

    रेलवे की भूमिका महत्वपूर्ण

    रेलवे प्रशासन ने पुराने उड़ान पुल से यातायात रोकने के लिए बार बार जिला प्रशासन को स्मरण पत्र दिया  लेकिन सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग और जिला प्रशासन केवल समय मांग रहा है. इसमें रेलवे प्रशासन ने गंभीर होकर उस उड़ान पुल से यातायात पुर्णत: बंद करने का निर्णय लिया तो नए उड़ान पुल पर यातायात का भार बढ़ जाएगा. इस पुराने उड़ान पुल को तोडऩे के लिए सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग ने टेंडर निकाला है. इस पुल को जमीदोज करने के लिए लगभग 5 करोड़ रु. खर्च होने की संभावना व्यक्त की जा रही है.