Crime

    • सीबीआई को फरार महाप्रबंधक के 3 लॉकर व 3 फ्लैट का पता चला

    गोंदिया. विशेष अदालत ने इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लि. (आईओसीएल) के चीफ मैनेजर मनीष नांदले को 3 दिन व सेल्स ऑफिसर सुनील गोलर को 2 दिन की सीबीआई रिमांड  दी है.  आरोपी महाप्रबंधक अभी भी सीबीआई की गिरफ्त से बाहर है. जानकारी के अनुसार सीबीआई ने आईओसीएल के मनीष नांदले को नागपुर में और सुनील गोलर को गोंदिया में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था.

    दोनों ने अलग अलग पेट्रोल पंप के मालिक से 1-1 लाख रु. की रिश्वत ली थी. पंप की ओनरशिप ट्रांसफर करने के लिए दस्तावेज नागपुर स्थित आईओसीएल कार्यालय में पहुंचे थे. इस मामले को आईओसीएल के जनरल मैनेजर एन.पी. रोडगे देख रहे थे. जनरल मैनेजर के कहने पर चीफ मैनेजर मनीष नांदले ने एक लाख रु.  की रिश्वत मांगी थी. सीबीआई ने चीफ मैनेजर को रिश्वत लेते पकड़ लिया था. इसमें आरोपी महाप्रबंधक (जीएम) एन.पी. रोडगे अभी भी फरार है.

    आज खोले जाएंगे लॉकर

    आरोपी रोडगे के त्रिमूर्ति नगर स्थित मकान की तलाशी लेने पर तीन बैंक लॉकरों का पता चला है. यह लॉकर  28 मार्च को खोले जाएंगे. तीन फ्लैट के भी दस्तावेज मिलने की खबर है.  रोडगे अग्रिम जमानत के लिए वकीलों से संपर्क में होने की खबर है. उसे अग्रिम जमानत न मिले, इसके लिए सीबीआई ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं.

     नांदले व गोलर की संपत्ति के दस्तावेज मिले

    आरोपी चीफ मैनेजर मनीष नांदले व सेल्स ऑफिसर सुनील गोलर से सीबीआई कड़ाई से पूछताछ कर रही है. रिश्वत मामले में और कौन-कौन अधिकारी शामिल हो सकते हैं, इस दिशा में जांच चल रही है. अभी तक की जांच में दोनों आरोपियों ने अन्य अधिकारियों के बारे में मुंह नहीं खोलने की खबर है. आरोपी नांदले व गोलर की संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी मिलने की जानकारी मिली है. सीबीआई नागपुर के वरिष्ठ अधीक्षक एम. एस. खान के मार्गदर्शन में जांच जारी हैं.

    आईओसीएल दफ्तर में सन्नाटा

    सीबीआई ने 24 मार्च की शाम को आईओसीएल के दो वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद से कंपनी के गोंदिया व नागपुर कार्यालय में सलाटा छाया हुआ है. अधिकारी डरे-सहमे हैं. सीबीआई कब किस पर हाथ डाल देगी, यह डर इन्हें सता रहा है. आईओसीएल के अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेने की खबर सीबीआई के पास थी, लेकिन पुख्ता सबूत व शिकायतकर्ता सामने नहीं आने से सीबीआई हाथ डालने से कतरा रही थी. गोंदिया से दो शिकायतकर्ता सामने आने के बाद सीबीआई ने आईओसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों को बेनकाब कर दिया. सीजीएसटी के सहआयुक्त मुकुल पाटील को घूसकांड में गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई की चंद दिनों में ही यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है.