गड्ढों के कारण नागरिक परेशा

    सडक अर्जुनी. गोंदिया व भंडारा जिले को जोड़ने वाले मुरपार-कोसमतोंडी-बिरसी मार्ग -बिरसी की हालत  वर्षों से खराब है. मार्ग की मरम्मत की ओर संबंधित में विभाग के अधिकारी व दोनों जिलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इस 16 किमी  के मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो जाने से वाहन मुरपार-कोसमतोंडी-बिरसी मार्ग पर चालकों को काफी कसरत करनी पड़ रही है.

    मुरपार-कोसमतोंडी-बिरसी मार्ग गोंदिया व भंडारा जिले को जोड़ता है. इस पर साकोली से कोसमतोंडी, करनी मुरपार, लेंडेंझरी बस सेवा पिछले 25- 30 वर्षों से शुरू है. पिछले 10 वर्ष में इस 16 किमी  लंबे मार्ग की ओर साकोली सार्वजनिक लोकनिर्माण उपअभियंता कार्यालय व सड़क अर्जुनी उपअभियंता कार्यालय द्वारा कभी ध्यान नहीं दिया गया.

    मार्ग पर गड्ढों की वजह से लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो रहा है. वर्ष 2016-17 में इस मार्ग के गड्ढों को आधा अधूरा पाट दिया गया था. वर्ष 2019-20 में कोसमतोंडी-चिचटोला बेहलीटोला तक के गड्ढों को पाटने का काम शुरू किया गया था. इस दौरान सरपंच ने संबंधित ठेकेदार से गड्ढों को अच्छे से  भरने   डामर का उपयोग करने के लिए कहा था. इसके बाद सड़क अर्जुनी सार्वजनिक लोकनिर्माण का ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया. इसके तत्काल बाद ही मार्ग की हालत पूर्ववत हो गई थी.

    इस मार्ग के गड्ढों को भरने का सिर्फ दिखावा किया जा रहा है. कोसमतोंडी बड़ा गांव है. यहां बैंक, अस्पताल, साप्ताहिक बाजार व अन्य कामों के लिए लोग आवाजाही करते हैं, लेकिन गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को काफी कसरत करनी पड़ रही है, कोसमतोंडी में पेट्रोल पंप होने की वजह से 10-15 किमी  दूरी से लोग पेट्रोल-डीजल के लिए आते हैं. पिछले 20 वर्ष में कई जिप  व पंचायत समिति सदस्य चुने गए लेकिन किसी ने भी इस मार्ग की ओर ध्यान नहीं दिया.

    मार्ग को दत्तक लेने की मांग

    कोसमतोंडी गांव परिसर में मुख्य बाजार होने से किसान खेती के लिए खाद-बीज, दवाएं व अन्य व्यवहार के लिए यहां  आते है.  यहां से  भंडारा जिले की सीमा 9 किमी पर सातलवाडा से शुरू होती है. सातलवाडा से राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 6 बिरसी फाटा 7 किमी  दूर है. दोनों जिलों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. नागरिकों ने दोनों  जिलों के विधायकों से मार्ग को दत्तक लेकर मार्ग मरम्मत की मांग की है.