स्पेशल ट्रेन की आरक्षित बोगियों में फ्री यात्रियों की संख्या अधिक

    • आरक्षण करने वालों को हो रही परेशानी

    गोंदिया. कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद परिस्थिति पूर्ववत हो गई फिर भी रेलवे विभाग ने अब तक नियमित ट्रेनों को शुरू नहीं किया. अभी केवल स्पेशल ट्रेनें शुरू है. इन ट्रेनों में जनरल बोगियां नहीं है. जिससे बिना आरक्षण के यात्रा नहीं की जा सकती है. फिलहाल दिवाली पर बाहर गांव आने जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है.

    वहीं एसटी कर्मचारियों के आंदोलन से ट्रेनों में भीड़ बढ़ी है. लेकिन इस भीड़ का लाभ अनेक फ्री यात्री उठा रहे है. इतना ही नहीं आरक्षित बोगियों में भी यह फ्री वाले यात्री दिखाई दे रहे है. जिससे टिकट आरक्षित करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. फिलहाल स्पेशल ट्रेन ही शुरू है. इन ट्रेनों की टिकट भी डबल है. वहीं जनरल बोगियां नहीं लगाई गई है.

    हर दिन 1566 फ्री यात्रियों पर कार्रवाई

    हावड़ा-मुंबई मार्ग पर गोंदिया रेलवे स्टेशन यह महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है. वर्तमान में रेलवे स्टेशन से हर दिन 56 ट्रेनें दौड़ रही है. ट्रेनों में भीड़ बढऩे से रेल विभाग ने टिकट जांच अभियान शुरू किया है. इस अभियान अंतर्गत नागपुर विभाग में हर दिन 1566 बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई की जा रही है. इससे रेल विभाग को हर दिन 8 लाख रु. का राजस्व प्राप्त हो रहा है. यह जानकारी रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने दी है.

    सभी ट्रेनें हाऊसफूल

    दिवाली पर बाहर गांव जाने वालों का प्रमाण अधिक है. जिससे सभी ट्रेनें हाऊसफूल है. इसी में वेटिंग लिस्ट भी 350 से ऊपर है. हावडा से मुंबई और मुंबई से हावड़ा की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में भीड़ है. आरक्षित टिकट नहीं मिलने पर अनेक लोग वेटिंग टिकट निकालकर यात्रा कर रहे है. जिससे स्पेशल ट्रेनों की आरक्षित बोगियों में भीड़ बढ़ गई है. विदर्भ, महाराष्ट्र एक्सप्रेस, आजाद हिंद, गितांजली जैसी ट्रेनों में अत्याधिक भीड़ दिखाई दे रही है. इसी तरह पैसेंजर व लोकल ट्रेन अब तक शुरू नहीं होने से यात्रियों के हाल बेहाल है.

    ट्रेन से लेकर निजी बसों में भी यात्रियों को नहीं मिल रही सीट

    दीपावली के अवसर पर रेलवे से लेकर निजी ट्रैक्ल्स में यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है. ट्रेन में यात्रियों की संख्या ज्यादा होने से रेलवे प्रशासन ने दीपावली के दिन कुछ कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी थी. साथ ही राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल यात्रियों के लिए समस्या बन गई है, जिसके चलते सामान्य नागरिकों को इस समय ट्रेन से लेकर निजी ट्रैवल्स में भी सीट के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.

    उल्लेखनीय है कि दीपावली पूरे भारत वर्ष में मनाए जाने वाला सबसे बड़ा पर्व है. इस दिन हर कोई अपने घर जाकर परिवार के साथ दीपावली मनाना चाहता है. साथ ही भाईदूज हो या छट पूजा यह उत्सव का पल मनाने के लिए सामान्य नागरिक अपने गांव तथा शहर के तरफ बस, रेलवे व निजी ट्रैवल्स से लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस समय जिले के पास के गांव हो या दूर राज्य के यात्रियों को यात्रा करने के लिए सीट के लिए मारामारी करनी पड़ रही है.

    यात्रियों की संख्या ज्यादा होने से दीपावली के दिन रेलवे विभाग ने रेलवे के कुछ कर्मचारियों को किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दी थी. नागपुर, मुंबई, पुणे जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या ज्यादा होने से रेलवे फुल चलने की बात रेल विभाग के कर्मचारी ने बताई.  रेलवे की आरक्षित टिकट बुक करने के लिए यात्रियों की लंबी कतार दिखाई दे रही है.

    रेलवे की टिकट न मिलने से यात्रियों को नजदीकी जिले की यात्रा के लिए ट्रैवल्स का सहारा लेना पड़ रहा है लेकिन दूर जिले के लिए यात्री की पहली पंसद रेलवे ही होने की बात ट्रैवल्स मालिकों ने बताई है. इस समय नजदीकी जिले के गांव में जा रही रापनि की बसें बंद होने से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ऐसा यात्रियों का कहना है. भले ही रेलवे में कन्फर्म सीट न मिल रही हो फिर भी यात्रियों में अपने गांव जाने के लिए उत्साह कम नहीं हुआ है.