गोंदिया से नागपुर दौड़ रही थकी हुई बसों से यात्री परेशान

    • अधिक पैसा देने पर भी नहीं मिल रही सुविधा
    • छोटे निजी वाहनों की अपनी अलग मनमानी

    गोरेगांव. राज्य में एसटी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. यहां हड़ताल के स्थानों पर अनेक जनप्रतिनिधियों ने केवल भेंट देने का काम किया है लेकिन हड़ताल समाप्ति पर कोई रास्ता नहीं निकल रहा है. जिस कारण यहां यात्रियों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है.

    जरूरी काम से बाहर गांव जाने वाले नागरिक समय पर नही पहुंच पा रहे हैं. जिसका मुख्य कारण रोड पर दौड़ रही थकी हुई बसें है. यहां गोंदिया से नागपुर दौड़ रही अधिकतर बसें पुरानी होने के चलते कभी भी कहीं भी बीच रास्ते पर खड़ी हो जाती है. ऐसे में यात्रियों को बस के दुरुस्त होने तक घंटों इंतजार करना पड़ता है.

    जिसमें समय की बर्बादी अलग हो रही है. यहां टिकट के अधिक दाम देने के बाद भी यात्रियों को वह सुविधा नहीं मिल रही हैं वहीं छोटे फोर वीलर वाहन चालकों की अपनी मनमानी चल रही है. नागपुर व भंडारा जाने  के लिए जरूरत से ज्यादा पैसा लिया जा रहा है.

    बस सेवा ठप होने का फायदा यहां निजी वाहन मालक उठा रहे हैं वहीं नागरिक  पिछले 1 महीने से इस समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन दुर्भाग्य से यहां दूर-दूर तक एसटी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होते दिखाई नहीं दे रही है वहीं निजी वाहनों के टिकट दर दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं.

    उल्लेखनीय है कि राज्य में एसटी महामंडल कर्मचारियों द्वारा शासन में विलयकरण को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. जिसके चलते पिछले 1 महीने से यहां एसटी बस सेवा पूरी तरह ठप है जिसका फायदा निजी वाहन मालक उठा रहे हैं. यात्रियों से टिकट दर से अधिक पैसा लेने के बाद भी यात्रियों को धक्के खाने पड़ रहे हैं.

    यहां गोंदिया से नागपुर के लिए निजी बसें शुरू है लेकिन अधिकतर बसें पुरानी व खटारा होने से बसों में खराबी आने से यह बसें कहीं भी घंटों खड़ी हो जाती है. ऐसे में इन बसों के आने जाने का कोई समय निश्चित नहीं है जिसमें परेशानी यात्रियों को उठानी पड़ रही है. जरूरी काम से जाने वाले नागरिक व कर्मचारी अपने समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, यह परेशानी पिछले 1 महीने से निरंतर हो रही है.

    इस बीच गोंदिया से कोहमारा मार्ग पर छोटे फोर वीलर वाहनों की भी अपनी मनमानी चल रही है. यहां गोरेगांव तहसील से सैकड़ों शासकीय कर्मचारी सड़क अर्जुनी, मोरगांव अर्जुनी, देवरी व साकोली के लिए प्रतिदिन अपडाउन करते हैं. लेकिन बसों की सेवा उपलब्ध नहीं होने से इन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है. लेकिन पैसा अधिक देने पर भी अपने कार्यालय समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं. वहीं शासकीय कार्य भी प्रभावित हो रहा है.

    उसी तरह राष्ट्रीय महामार्ग क्र. 6 रायपुर से नागपुर हाईवे पर कोहमारा से नागपुर के लिए निजी वाहन चालकों द्वारा अपनी मनमर्जी अनुसार यात्रियों से पैसा लिया जा रहा है. यहां यात्रियों से 350 रू. से 400 रु. तक किराया लिया जा रहा है. जिसका असर नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है.

    एसटी कर्मचारियों की हड़ताल का असर शासकीय और निजी सभी कार्यों पर पड़ता दिख रहा है. ऐसे में हड़ताल का खत्म होना अत्यंत आवश्यक हो गई है. लेकिन यहां ऐसे कुछ आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं. जिसमें नागरिकों को किस प्रकार की और भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.