किसानों को स्मार्ट फोन उपयोग करने की सख्ती, अन्यथा सात-बारा में फसल का कालम रहेगा कोरा

    गोंदिया. शासन ने ई- फसल निरीक्षण एप द्वारा किसानों के खेत में कौनसी फसल की बुआई की है, इस संबंध में विवरण स्मार्ट फोन में फसल निरीक्षण एप डाउनलोड कर खेत में जाकर स्वयं खेत की फसल में खडे रहकर फसल सहित सेल्फी लेकर 30 सितंबर तक सफल का पंजीयन करने की सख्ती की है.

    अन्यथा सात-बारा में फसल का कालम कोरा रहने की संभावना निर्माण हो गई है. किसानों को फसल बीमा नुकसान मुआवजा, फसल कर्ज, शासकीय अनुदान या कोई भी शासकीय मदद नहीं मिलने की सूचना किसानों को वाट‍्सएप द्वारा मिली है. इस तरह की सख्ती से किसानों की समस्या बढ गई है.

    इसमें शिक्षित व युवा किसानों को छोड दिया जाए तो अशिक्षित व तंत्रज्ञान की समझ नहीं रखने वाले अनेक किसान खेती करते है. वहीं अधिकांश किसानों के पास स्मार्ट फोन नहीं है व उसका उपयोग भी उन्हें करते नहीं आता है. उपयोग किया गया तो खेत में मोबाइल का नेटवर्क नहीं मिलता. नेटवर्क रहा तो अनेक लोगों की फोटो अपलोड नहीं होती. इसके साथ ही शुरूआत में आने वाले ओटीपी का भी ध्यान रखना है. जबकि किसानों को उनका जन्मदिन याद नहीं रहता.

    मोबाइल क्रमांक कैसे ध्यान में रखेंगे और क्या ओटीपी ध्यान में रहेगा ? एप संबंधी समस्या होने पर मदद क्रमांक दिया गया है लेकिन वह भी नहीं लगता. ऐसी एक नहीं अनेक शिकायतें है. इसके पूर्व यह काम पटवारी करते थे. इसके स्थान पर अब ई- फसल निरीक्षण एप के माध्यम से फसल पंजीयन करने की सख्ती की जा रही है. जिसमें किसानों को विभिन्न दिक्कतों का सामना करना पड रहा है. जिससे ई-फसल निरीक्षण एप के माध्यम से फसल पंजीयन की सख्ती रद्द करने की मांग की जा रही है.