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गोंदिया. जिले की अर्जुनी मोरगांव तहसील में एक शिक्षक ने अपने ही शाला की 9 वर्षीय नाबालिग छात्रा पर अत्याचार किया था. प्रकरण में कथित शिक्षक को जिला व अपर सत्र न्यायालय ने बरी कर दिया था किंतु नागपुर हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय के निर्णय को रद्द करते हुए आरोपी शिक्षक गोपाल नीलकंठ जनबंधु को 20 वर्ष का आजीवन कारावास व 1 लाख 8 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ने जिला न्यायालय के निर्णय पर नापसंदगी भी व्यक्त की है. पालक शिक्षकों पर विश्वास रख अपने पाल्यों को शाला में भेजते है, लेकिन गुरु कहलाने वाले शिक्षक यदि इस तरह का आचरण रखते है तो वह अत्यंत ही गंभीर है. घटना 2 वर्ष पूर्व अर्जुनी मोरगांव तहसील स्थित जिप शाला में घटी जिसमें इस शिक्षक जनबंधु (48) मासूम छात्रा पर अत्याचार कर रहा था. इसकी जानकारी छात्रा ने अपने पालक को दी और पुलिस में शिकायत की गई.

पास्को के लिए अलग नियम

मामला गंभीर है. पास्को अंतर्गत अपराध के लिए अलग नियमावली है, लेकिन उसे देखकर जांच नहीं की जाती. इस प्रकरण में भी छात्रा का मौखिक बयान में महत्व नहीं दिया गया. ऐसा न्यायालय ने कहा है. इतना ही नहीं आरोपी शिक्षक को 10 वर्ष तक फर्लो नहीं दिया जा सकेगा. ऐसी सजा हाईकोर्ट ने दी है.