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    गोंदिया. जिले में पिछले महीने बदरीले मौसम के साथ ही बारिश व ओलावृष्टी होने से किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा था. इससे सवरने में पुन: 15 दिनों बाद जिलेभर आसमानी संकट ने तांडव मचा दिया है. 10 जनवरी से जिले में लगातार दो-तीन दिनों से बेमौसम बारिश ने किसानों पर कहर ढा दिया है.

    इस बीच कृषि विभाग के माध्यम से किए गए सर्वेक्षण के अनुसार जिले की 2 हजार हेक्टर क्षेत्र में किसानों पर इस बेमौसम बारिश का असर पड़ा है. इसमें 1437.20 हेक्टर क्षेत्र प्रभावित हुआ है. विशेष बात यह है कि इस बेमौसम बारिश से जिले में चना, लखोरी सहित सब्जी भाजी फसल का भारी नुकसान हो गया है.

    इसी तरह खरीफ मौसम में धान कटाई व मलनी शुरू रहते वापस लौटती बारिश से किसानों को नुकसान सहन करना पड़ा था. इसकी कसर रबी मौसम में निकाली जाएगी. इस आशा में किसान थे. जिससे किसानों ने रबी मौसम की पुन: नए से तैयारी की. खेत में हलके प्रजाति के धान सहित तुअर, चना, लखोरी, गेंहू, ज्वारी, सरसो, सब्जी भाजी आदि फसल की बुआई की. इसमें चना, लखोरी सहित अन्य फसल लहराने लगी थी लेकिन जिले में पिछले 28 दिसंबर को ओले सहित जोरदार बारिश होने से किसानों की फसल का बड़ा नुकसान हो गया.

    इसके बावजूद किसानों ने नुकसान को बाजू में रखकर पुन: फसल वृध्दि के लिए विभिन्न उपाय योजना कर दवाईओं का छिड़काव कर फसल को बढ़ाया. लेकिन निसर्ग ने पुन: किसानों पर वक्रदृष्टी दिखाई. 15 दिनों के अंतराल में पुन: 10 जनवरी को बेमौसम बारिश ने जिले में दस्तक दी.

    जिससे जिले के विशेषकर तिरोड़ा, अर्जुनी मोरगांव, आमगांव व सड़क अर्जुनी तहसील में 2 हजार 118 किसानों की 1437.20 हेक्टर क्षेत्र की खेती को बेमौसम बारिश से असर पड़ा है. जिससे किसानों ने खेत में बुआई किए चना, लखोरी, गेंहू, ज्वारी, सरसो, सब्जी भाजी आदि फसल पानी के भेंट चढ़ गई. जिससे जिले के किसान पुन: हतबल हो गए है. शासन द्वारा तत्काल नुकसान मुआवजा देने की मांग किसानों ने की है. 

    आधे जिले में शुन्य नुकसान

    जिले की सभी तहसील में बेमौसम बारिश दर्ज की गई है. इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण में आधे जिले में नुकसान दर्ज किया गया है. इसमें जिले की 8 तहसीलों में से अर्जुनी मोरगांव, तिरोड़ा, आमगांव व सड़क अर्जुनी तहसील में नुकसान दर्ज किया गया है. जबकि गोंदिया, गोरेगांव, देवरी व सालेकसा इन तहसीलों में शुन्य नुकसान दर्ज किया गया है. 

    रोगों के प्रभाव की संभावना

    जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम में भारी परिवर्तन हो गया है. बदलते मौसम का असर खेती की फसल पर पड़ा है. बेमौसम बारिश, कोहरा व रात के समय गिरने वाली बर्फ की बूंदों से फसल पर रोगों का प्रभाव बढ़ने की संभावना है. सब्जीभाजी सहित रबी मौसम की लखोरी, चना, फसल पर फंगस, मावा किट आदि का प्रभाव बढ गया है. 

    4 तहसीलों में बेमौसम बारिश का तांडव

    जिला कृषि विभाग के माध्यम से किए गए सर्वेक्षण के अनुसार जिले की 4 तहसीलों में इस बेमौसम बारिश से असर पड़ा है. इसमें सबसे अधिक नुकसान अर्जुनी मोरगांव तहसील में दर्ज है. अर्जुनी मोरगांव तहसील के 95 ग्राम प्रभावित हुए है. जिसमें 686 हेक्टर क्षेत्र मे 1 हजार 28 किसानों की लखोरी, चना व सब्जी भाजी फसल का नुकसान हुआ है. इसके बाद तिरोड़ा तहसील के 18 ग्रामों में असर पड़ा है.

    जिसमें 788 किसानों की 602.30 हेक्टर क्षेत्र में चना, लखोरी, गेंहू, ज्वारी, सरसो व सब्जीभाजी फसल का नुकसान हुआ है. वहीं आमगांव तहसील के 68 ग्रामों में बेमौसम बारिश हुई है. इसमें 284 किसानों की 143.10 हेक्टर खेती प्रभावित हुई है. इसके साथ ही सड़क अर्जुनी तहसील के 4 ग्रामों की 5.80 हेक्टर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है. इसमें 18 किसानों को नुकसान हुआ है. इन दोनों तहसीलों में भी किसानों की लखोरी, चना व सब्जीभाजी फसल नष्ट हुई है.