IPS Rashmi Shukla

    मुंबई: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की वरिष्ठ अधिकारी रश्मी शुक्ला ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने कुछ फोन नंबरों पर होने वाली बातचीत टैप करने की अनुमति दी थी ताकि पुलिस बल में स्थानांतरण और पोस्टिंग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की शिकायतों को सत्यापित किया जा सके। 

    शुक्ला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि जब उनकी मुवक्किल राज्य खुफिया विभाग का नेतृत्व कर रही थीं, तब महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने कुछ फोन नंबरों की निगरानी करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अदालत को बताया, ‘‘ये नंबर राजनीतिक संपर्क वाले कुछ बिचौलियों के थे जो भ्रष्टाचार में लिप्त थे और इच्छित पोस्टिंग और स्थनांतरण के लिए बड़ी राशि की मांग करते थे।”

    जेठमलानी ने रश्मी शुक्ला की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एनजे जामदार की पीठ को यह जानकारी दी। शुक्ला ने इस याचिका में कथित तौर पर अवैध फोन टैपिंग करने और पुलिस की पोस्टिंग से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज लीक करने के आरोप में मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी है। 

    जेठमलानी ने कहा, ‘‘ डीजीपी के निर्देश पर रश्मी शुक्ला ने निगरानी की। वह केवल डीजीपी के निर्देशों का अनुपालन कर रही थीं। शुक्ला ने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम के प्रावधानों के तहत राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव सीताराम कुंटे से अनुमति ली थी।” उन्होंने कहा कि 17 जुलाई 2020 से 29 जुलाई 2020 तक कुंटे ने शुक्ला को मामले में निगरानी करने की अनुमति दी थी।

    जेठमलानी ने कहा, ‘‘कुंटे ने 25 मार्च 2021 को सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की थी लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि अनुमति लेने के दौरान उन्हें भ्रमित किया गया था।” उन्होंने कहा कि अब शुक्ला को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। जेठमलानी ने कहा, ‘‘उचित आधार पर अपराध को रोकने के लिए वायरलेस संदेश की निगरानी वैध है।”

    पीठ ने कहा कि इस याचिका पर पांच अगस्त को आगे सुनवाई की जायेगी और इस दौरान मई में पुलिस द्वारा शुक्ला के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने याउन्हें गिरफ्तार नहीं करने का आश्वासन प्रभावी रहेगा। शुक्ला इस समय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में अतरिक्त महानिदेशक दक्षिणी क्षेत्र के पद पर हैदराबाद में तैनात हैं।  गौरतलब है कि शिवसेना नीत सरकार ने आरोप लगाया है कि शुक्ला ने बिना अनुमति फोन टैपिंग की कार्रवाई की।(एजेंसी)