Forget all differences and unite for Ram temple

  • महंत प्रणवगिरी ने किया आह्वान

साक्री. अयोध्या (Ayodhya) में प्रभु श्री रामचंद्र (Shri Ramchandra) का भव्य मंदिर (Temple) बनाने के लिए सभी लोग जाति-पंथ भूलकर  एकजुट हों। प्रभु हमारे आराध्य हैं और भारतीयों का सर्वोच्च आस्था का विषय है। यह मंदिर मानवता के प्रति समर्पित पथदर्शक होगा, ऐसा विश्वास श्री नागाई मंदिर संस्थान के महंत प्रणवगिरी महाराज (Pranavagiri Maharaj) ने अपने मार्गदर्शन में व्यक्त किया।

अयोध्या में प्रस्तावित प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण कार्य की निधि संकलन के लिए आयोजित बैठक में वे बोल रहे थे। मंच पर उनके साथ योगी दीनानाथ , महंत गणेश, योगी चेतनाथ, अशोक महाराज उपस्थित थे. शहर के मेन रोड पर स्थित श्रीराम मंदिर में यह बैठक रखी गयी थी।

सत्तासीन लोगों ने लगाए अड़ंगे

मंदिर निर्माण कार्य और श्रीराम जन्मभूमि के लिए  विगत 50 वर्षों के संघर्ष का इतिहास पुंडलिक चित्ते ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विगत 50 वर्ष में श्रीराम जन्मभूमि के लिए हिंदुओं ने संघर्ष किया और काफी अवहेलना का सामना किया। सत्तासीन लोगों ने हर कदम पर अड़ंगे खड़े किए, लेकिन अंततः यह संघर्ष रंग लाया और हम मंदिर निर्माण की ओर अग्रसर हो रहे हैं। हम खुशनसीब हैं कि इस ऐतिहासिक घड़ी के साक्षी और सहयोगी बनेंगे। 

साधु-संतों के योगदान को किया याद

 योगी दीनानाथ ने साधुओं के योगदान को याद किया और कहा कि 1976 में शुरू हुआ संघर्ष महंत अवैद्यनाथ को समर्पित है। बैठक के लिए विशेष रूप से आए महंतों का सत्कार किया गया। उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य के लिए अपने भाषणों से उपस्थितों को प्रेरित करते हुए अपना मंतव्य दिया। कार्यक्रम में शहर के युवा, विभिन्न संगठन और धार्मिक आंदोलनों से जुड़े हुए लोग उपस्थित थे।