property tax

  • 3 माह में वसूली का दिया गया टारगेट
  • नागरिकों पर मनपा का 60 करोड़ बकाया
  • 2% जुर्माना लगेगा बकाया राशि पर

जलगांव.  कोरोना महामारी (Corona epidemic)  के कारण जलगांव महानगर निगम (Jalgaon Mahanagar Nigam) ने संपत्ति कर (property tax) वसूली पर रोक लगाईं हुई थी. इसके चलते इस साल और पिछले साल का लगभग 60 करोड़ रुपये बकाया संपत्तिधारकों पर हो गया है.

इस साल 20 दिसंबर के अंत तक केवल 39 फीसदी ही निकाय करों की वसूली हुई है. इसलिए महानगर निगम प्रशासन को अंतिम और चालू वर्ष में 60 करोड़ रुपये वसूलने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा. विशेष रूप से 1 जनवरी से संपत्ति कर का भुगतान नहीं करने वालों को 2% जुर्माना अदा करना पड़ेगा. इस तरह का प्रावधान मनपा ने पहले से कर रखा है जिसके चलते नागरिकों को कोरोना काल में भुगतान नहीं करने पर दो प्रतिशत जुर्माना भी देना होगा.

लाकडाउन से कर वसूली पर लगी थी रोक

22 मार्च से कोरोना के कारण लॉकडाउन की घोषणा के बाद, अप्रैल और मई में मनपा द्वारा सभी करों की वसूली पर रोक लगा दी गयी थी. कोरोना महामारी का प्रकोप थमने के बाद जून से वसूली शुरू हुई. हालांकि, जून और जुलाई में कोरोना के प्रकोप के कारण, इन दो महीनों में केवल 2 से 3 प्रतिशत की वसूली हुई है. अब जबकि कोरोना की व्यापकता घट रही है, मनपा निकट भविष्य में संपत्ति कर (property tax)

की वसूली के लिए एक जोरदार अभियान शुरू करने की योजना बना रही  है. अगस्त तक वार्ड समितियों को दो से तीन लाख का भुगतान किया जा रहा था. हालांकि, अब वह  भुगतान 25 लाख रुपये से 30 लाख रुपये हो गया है. इसके अलावा, 31 दिसंबर के बाद, संपत्ति कर की कुल बकाया राशि पर 2% जुर्माना (ब्याज) लगाया जाएगा.

जुर्माना के डर से कर जमा कर रहे लोग

जुर्माना से बचने के लिए कर का भुगतान करने वाले लोगों की भीड़ वार्ड समितियों में लगनी शुरू हो गई है. कोरोना के चलते पूरी प्रशासनिक यंत्रणा कोरोना को रोकने में लगी हुई थी. इसलिए मनपा के रोजमर्रा के काम प्रलंबित पड़े रहे. चार से पांच महीनों से यह काम न होने से प्रशासन ने गए महीने से बिल बांटना शुरू कर दिया है.

अंतिम दौर में बिल बांटने का काम

 बिल बांटने का काम अब अंतिम दौर में चल रहा है. दो तीन दिन में यह काम पूरा हो जाएगा.  वित्तीय वर्ष 2020-21 में,मनपा ने केवल 38% वसूली की है. मनपा का कुल बकाया लगभग 60 करोड़ है. हालांकि इस समय तक 45 करोड़ रुपये तक की वसूली हो जाती है पर इस साल 20 दिसंबर तक केवल 39 करोड़ रुपये की वसूली हुई है. पिछले साल केवल 13-15 करोड़ रुपये वसूले गए थे. पिछले साल का बकाया 30 करोड़ रुपये से अधिक है.एक जनवरी से मनपा की वसूली मुहिम तेज होने की संभावना है.

संपत्ति कर की राशि को लेकर  सभी वार्ड समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई. सभी अधिकारियों को अब संपत्ति कर की वसूली पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया है और मनपा तीन महीने में पिछले और वर्तमान वर्ष के लक्ष्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

अब जबकि कोरोना महामारी का प्रकोप कम हुआ है तो मनपा अब वसूली पर अपना पूरा ध्यान ध्यान केंद्रित करेगी. सभी विभाग प्रमुखों को संपत्ति कर की वसूली के बारे में निर्देश दिया गया है.इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है.कोरोना की स्थिति के कारण, इस वर्ष वसूली नहीं की जा सकी.अब स्थिति बदल रही है और मनपा को वसूली पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया गया है.

-सतीश कुलकर्णी, नगर आयुक्त