arrest
(फाइल फोटो)

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नालासोपारा: नालासोपारा (Nalasopara) में वर्ष 2018 में हुई जोगिंदर राणा मुठभेड़ (Jogindar Rana Encounter) मामले में नालासोपारा पुलिस के विशेष जांच टीम ने मंगेश चव्हाण और मनोज सकपाल नामक दो पुलिसकर्मियों (2 Policeman) को गिरफ्तार (Arrest) किया हैं। न्यायालय ने उन्हें 11 मार्च तक पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश दिया है। पुलिस ने जांच के दौरान नहीं की थी गिरफ्तारी, कोर्ट ने पुलिस को भी फटकार लगाई है। मामले की चल रही जांच को भी निराशाजनक बताया है। 

कोर्ट की फटकार के बाद हुई गिरफ्तारी 
रजिस्टर्ड अपराधी जोगिंदर राणा वर्ष 2018 में नालासोपारा में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए मृतक के भाई सुरेंद्र राणा ने उसकी हत्या का आरोप लगाया था। स्थानीय पुलिस पर इस मामले को नजरअंदाज करने का आरोप भी मृतक के भाई ने लगाया था। सुरेंद्र राणा ने इस मामले को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए ठाणे पुलिस उपायुक्त के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। 2023 में इस मामले में मंगेश चव्हाण और मनोज सकपाल दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन उन दोनों को गिरफ्तार नहीं किया गया। इस दौरान शुक्रवार को मुंबई उच्च न्यायालय ने इस मामले में पुलिस को फटकार लगाई और उन्होंने इस बात पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि मामले की जांच संतोषजनक नहीं है। इसलिए शनिवार को तत्काल कार्रवाई करते हुए चव्हाण और सकपाल को गिरफ्तार किया। 

विशेष जांच टीम के सहायक पुलिस आयुक्त सुरेश वराडे ने बताया दोनों को वसई न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से उन्हें 11 मार्च तक पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश मिला हैं। वर्तमान में मंगेश चव्हाण नालासोपारा पुलिस स्टेशन और मनोज सकपाल अपराध शाखा यूनिट 3 की टीम में कार्यरत थे। नालासोपारा में रहने वाला जोंगीदार राणा एक रजिस्टर्ड अपराधी था। उसके खिलाफ बांद्रे, खार, सांताक्रूझ, जुहू, कांदिवली और अर्नाला पुलिस स्टेशन में 37 मुकदमे दर्ज थे। जिसमें चोरी और डकैती जैसे मामलों का समावेश था। इसमें से ज्यादातर मामलों में वह सजा काट चुका था। विरार के अर्नाला पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ एक मामला दर्ज था। सुरेंद्र राणा का कहना है कि मेरा भाई अपराध की दुनिया त्याग चुका था और वह एक ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था।