Trainee doctor was doing black marketing of Remedicivir injection, arrested

    कोल्हापुर. कोरोना (Corona) के कहर पूरे महाराष्ट्र सहित कोल्हापुर (Kolhapur) में जारी है। मरीजों को राहत देनेवाले रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) की कमी है। इसी इंजेक्शन के लिए मरीजों के परिजनों को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। इसी स्थिति का गलत फायदा उठाते हुए कोल्हापुर में 18 हजार रुपए कीमत पर एक रेमडेसिविर इंजेक्शन की बिक्री कर कालाबाजारी (Black Marketing) करनेवाले एक प्रशिक्षणार्थी डॉक्टर समेत दो युवकों को कोल्हापुर पुलिस के स्थानीय अपराध शाखा के दस्ते ने गिरफ्तार (Arrest) कर लिया है।

     संदिग्धों के नाम योगीराज राजकुमार वाघमारे (24) और पराग विजयकुमार पाटील (26) हैं। जिनमें से योगीराज वाघमारे प्रशिक्षणार्थी डॉक्टर है। इन दोनों से 1 लाख 98 हजार कीमत के रेमडेसिविर इंजेक्शन की 11 बोतलें जब्त की गई हैं। ऐसी जानकारी स्थानीय अपराध शाखा पुलिस निरीक्षक तानाजी सावंत ने दी।

    शाहुपुरी पुलिस थाने में मामला दर्ज

    उन्होंने बताया कि पराग पाटील एक मेडिकल स्टोर में काम करता था। उसी मेडिकल स्टोर से रेमडेसिविर की बोतलें चुराकर काले बाजार में बेचने के लिए योगीराज वाघमारे को सौंप देता था। योगीराज इंजेक्शन पर छपी कीमत से ज्यादा या सरकारी दरों से ज्यादा रकम वसूल कर इस इंजेक्शन को जरूरतमंदों को बेचता था। ड्रग निरीक्षक स्वप्ना सुरेश घुणकीकर के शिकायत से इन दोनों पर शाहुपुरी पुलिस थाने में इन दो संदिग्ध युवकों पर मामला दर्ज किया गया है। इस चैन में और कोई बड़ा रैकेट तो नहीं इस बात की जांच पुलिस कर रही है।