Sharad pawar Sanjay Raut

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आंबेडकर को 2 से ज्यादा सीटें नहीं 
पवार के घर सीट बंटवारे पर मंथन   
नवभारत न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई: महाविकास आघाडी (Maha Vikas Aghadi) में सीटों के बंटवारे (Seat Sharing Formula) को लेकर गुरुवार को कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राकां अध्यक्ष शरद पवार के घर पर मंथन किया। इन नेताओं में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले, कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोरात, पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण व संजय राउत शामिल थे। इन सभी नेताओं ने सीटों के बंटवारे को लेकर अब तक हुई  बातचीत से बड़े पवार को अवगत कराया। साथ ही प्रकाश आंबेडकर की वंचित आघाडी की तरफ से आई 27 उम्मीदवारों की डिमांड की भी जानकारी दी है।  

आंबेडकर की मांग पर चर्चा
वंचित आघाडी के प्रकाश आंबेडकर ने महाविकास आघाडी के सामने अपनी पसंद के 27 उम्मीदवारों को लोकसभा की टिकट देने की डिमांड की है। इनमें 15 ओबीसी नेताओं के साथ मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर सुर्ख़ियों में आए मनोज जरांगे पाटिल को भी जालना से उम्मीदवार  बनाए जाने की सिफारिश की गई है। सूत्रों के मुताबिक पवार के घर में हुई बैठक में फैसला लिया गया है कि आंबेडकर की वंचित को 2 से ज्यादा सीटें नहीं दी जाएगी। ऐसे में आघाडी से आंबेडकर वंचित भी हो सकते हैं। कहने का तात्पर्य है कि सीटों पर समझौता न होने से आंबेडकर को अपनी खुद की राह चुननी पड़ सकती है। क्योंकि उनकी 27 उम्मीदवारों की डिमांड को महाविकास आघाडी ने खारिज कर दिया है। ऐसी रिपोर्ट है कि अब पवार के साथ फाइनल किए फार्मूले को कांग्रेस आलाकमान को भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद सीटों के बंटवारे का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। 
 
 
16-16- 12 का फार्मूला
सूत्रों के मुताबिक महाविकास आघाडी में शामिल कांग्रेस को 16, शिवसेना यूबीटी को 16 और राकां (शरद) को 12 लोकसभा सीटें मिल सकती है। जबकि चार सीटें वंचित आघाडी समेत अन्य सहयोगी दलों के लिए छोड़ी जा सकती है। जिनमें स्वाभिमानी शेतकरी पक्ष के राजू शेट्टी भी शामिल है। 
    
जरांगे का प्रस्ताव नहीं मिला
शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता संजय राउत ने इस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा जा रहा है कि वंचित आघाडी की तरफ से मनोज जरांगे पाटिल को जालना से उम्मीदवार बनाए जाने की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा महाविकास आघाडी की मीटिंग में सिर्फ सीटों के बंटवारे पर चर्चा होती है। इसमें उम्मीदवारों के नाम पर कोई डिस्कशन नहीं होता है। राउत ने यह भी कहा कि ऐसा नहीं है कि वंचित आघाडी 27 सीटों पर चुनाव लड़ने पर अड़ी है। बात बस इतनी सी है कि वे इतनी सारी सीटों पर तैयारी कर रहे हैं। हर पार्टी, चाहे वह सेना (यूबीटी) हो या कांग्रेस, को अपनी इच्छानुसार कई सीटों पर तैयारी करने का अधिकार है, लेकिन सीटों का बंटवारा मेरिट के आधार पर किया जाएगा।