Maharashtra CM Uddhav Thackeray targets Parambir Singh, says 'there is a case' where the complainant has gone missing
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    मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने मुंबई (Mumbai) के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह (Former Mumbai Police Commissioner Param Bir Singh) पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि, राज्य में एक ऐसा मामला है, जहां शिकायतकर्ता लापता हो गया है। ठाकरे ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की औरंगाबाद पीठ (Aurangabad Bench) में एनेक्सी बिल्डिंग की दो विंग के उद्घाटन के मौके पर यह बयान दिया।

    इस अवसर पर भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और अन्य उपस्थित थे। ठाकरे ने कहा, ‘‘न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने (कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान) बताया कि महाराष्ट्र में 1958 से एक मामला लंबित है क्योंकि आरोपी फरार है। लेकिन आज हमारे पास एक ऐसा मामला है जहां शिकायतकर्ता लापता है।” उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की, लेकिन अब गायब हैं। हमें नहीं पता कि वह कहां हैं। इस पर भी गौर करने की जरूरत है।” हालांकि, मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी स्पष्ट रूप से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पर लक्षित थी, जिन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

    कुछ दिन पहले, सिंह से संबंधित एक याचिका की सुनवाई के दौरान, महाराष्ट्र सरकार ने बम्बई उच्च न्यायालय को बताया था कि उनके ठिकाने का पता नहीं है। मुंबई के पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद, सिंह ने इस साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि देशमुख पुलिस अधिकारियों से मुंबई में रेस्तरां और बार से पैसे लेने के लिए कहते थे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता देशमुख ने इस साल अप्रैल में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।

    केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब एक परियोजना शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें मुंबई में एक नया उच्च न्यायालय परिसर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण को उस समारोह में आने के लिए अपना निमंत्रण देना चाहूंगा, जब भी ऐसा होगा। मैं यह सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा कि नए भवन परिसर का शिलान्यास और उसका उद्घाटन दोनों मेरी सरकार द्वारा किया जाए।” ठाकरे ने कहा कि न्याय देना लोकतंत्र के सभी चार स्तंभों को शामिल करते हुए एक ‘टीम वर्क’ है।

    उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए एक टीम के रूप में काम करना होगा कि कोई भी स्तंभ न टूटे।” ठाकरे ने कहा कि जब डॉ बाबासाहेब आंबेडकर संविधान बना रहे थे, तो उनसे केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारों के बारे में पूछा गया था, और उन्होंने जवाब दिया था कि केंद्र के कुछ अधिकारों को छोड़कर, राज्य समान रूप से संप्रभु होगा।

    उन्होंने कहा, ‘‘डॉ आंबेडकर ने स्पष्ट कर दिया था कि केंद्र सरकार की कुछ शक्तियों को छोड़कर राज्य समान रूप से संप्रभु है। लेकिन क्या आज राज्यों के इन अधिकारों का इस्तेमाल किया जा रहा है? हमें जांच करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा,‘‘अगर हमें लगता है कि हमें अपनी आजादी नहीं खोनी चाहिए, तो मेरा अनुरोध है कि सभी न्यायाधीश स्वतंत्रता के अर्थ के बारे में देश का मार्गदर्शन करें।”