MSRTC

    मुंबई: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के कर्मचारियों की हड़ताल (Employees Strike) मंगलवार को 27वें दिन भी जारी रही। हालांकि, सरकारी कंपनी ने कहा कि उसने शाम तक 236 बसों का परिचालन किया।

    एमएसआरटीसी के कर्मचारी निगम के राज्य सरकार में विलय की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है निगम के विलय से उन्हें बेहतर वेतन और नौकरी की सुरक्षा मिलेगी। नौ नवंबर से राज्य परिवहन बस के सभी 250 डिपो बंद हैं। हालांकि हड़ताल 28 अक्टूबर से शुरू हुई थी।

    महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने शाम में कहा कि एमएसआरटीसी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक ‘‘सकारात्मक” रही और राज्य सरकार ने उन्हें अंतरिम वेतन वृद्धि की पेशकश की।  बैठक के बाद परब ने संवाददाताओं से कहा कि अंतरिम वेतन वृद्धि तब तक लागू रहेगी जब तक कि उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति कर्मचारियों की विलय की मांग पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करती। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सदाभाऊ खोत और गोपीचंद पडलकर भी शामिल थे।

    मंत्री ने कहा, ‘‘बातचीत सकारात्मक रही। कर्मचारी प्रस्ताव पर विचार करेंगे और बुधवार को दिन में 11 बजे इस मुद्दे पर बैठक होगी। राज्य सरकार विलय के मुद्दे पर उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट को स्वीकार करेगी, लेकिन तक तक हड़ताल जारी नहीं रह सकती।”  पडलकर ने संवाददाताओं से कहा कि वे एमएसआरटीसी के कर्मचारियों के साथ सरकार की पेशकश पर चर्चा करेंगे और फिर कल की बैठक में भाग लेंगे।

    एमएसआरटीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि निगम ने सोमवार रात तक 645 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है और 3,045 नियमित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। दिन में कुछ कर्मचारियों ने मंत्रालय के पास परिवहन मंत्री अनिल परब के घर के सामने प्रदर्शन किया और दीवारों पर काला रंग पोतने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने इसे नाकाम कर दिया। (एजेंसी)