Central Railway's mega block in Mumbai on Sunday, services will remain suspended on these route
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    मुंबई: महाराष्ट्र में लगातार कोरोना को हराने की कोशिशें जारी हैं। सरकार और प्रशासन कोरोना के चलते लगे प्रतिबंधों का सही तरीके से पालन करने की लोगों से अपील कर रही है। ऐसे में मुंबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन आम लोगों के लिए बंद है। खबर है कि, मुंबई और पुणे उपनगरीय ट्रेनों में अब यात्रा के नियम और भी ज्यादा कड़े कर दिए गए हैं। और यह इसलिए क्यूंकि आम लोगों के लिए लोकल ट्रेन बंद होने के बावजूद पीक आवर में लोकल ट्रेनों में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। जिसके चलते फैसला किया गया है कि, अब पास या टिकट लेने के लिए सरकारी परमिशन जरूरी होगी।

    दरअसल फिलहाल मुंबई लोकल ट्रेन सिर्फ आवश्यकर सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए ही खुली है। इसके बावजूद ट्रेनों में भीड़ बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि, आम यात्री फर्जी आई कार्ड से टिकट और पास ले रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की एक लिस्ट तैयार की है जिसमें नाम होने पर ही लोग आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी माने जाएंगे और इनके अलावा बाकी लोग लोकल ट्रेन में सफर नहीं कर पाएंगे। इस कदम से लोकल ट्रेनों में भीड़ कम हो पाएगी और कोरोना के फैलने का खतरा भी काफी कम हो जाएगा। 

    ऐसे होगा लागू

    बताया जा रहा है कि, राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग एक ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की जानकारियां इकट्ठी करने जुट चूका है और संबंधित संस्थाओं को अपने कर्मचारियों की डिटेल भेजने को भी कहा गया है। यह डिटेल जांच पड़ताल के बाद लिस्ट में शामिल होंगे, फिलहाल इस पर काम जारी है। बताया यह भी जा रहा है कि, कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर क्यूआर कोड आएगा जिसे टिकट बुकिंग खिड़की पर दिखाने पर ही ट्रेन पास या टिकट मिल सकेगा। अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को उनके पहचान पत्र (ID) से संबंधित यूनिवर्सल ट्रैवल पास (Universal Travel Pass) जारी किया जाएगा।

    अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोग ही कर पाएंगे यात्रा

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार ने निर्णय से जुड़ा लेटर भी रेलवे विभाग को भेज दिया है। मुंबई के अस्पतालों के हेल्थ वर्कर्स, मेडिकल स्टाफ, अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों की लिस्ट तैयार की जा रही है। कहा जा रहा है कि, अगले 15 दिनों के भीतर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।